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फसल पकने को आई, पर नहीं मिली बीज की सब्सिडी

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फसल पकने को आई, नहीं मिली सब्सिडी
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सरकार ने नहीं दी जिले के 3400 किसानों को गेहूं के बीज पर छूट
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
जिले में गेहूं की फसल पक कर लगभग कटने को तैयार हो चुकी है। फसल लगाने के लिए प्रयोग हुए बीज की सब्सिडी अब तक किसानों को नहीं मिली है। किसानों का कहना है कि सब्सिडी में देरी से उन्हें वित्तीय नुकसान हो रहा है और कई अन्य मुश्किलें भी उठानी पड़ रहीं हैं। वहीं कृषि विभाग का कहना है कि सरकार जल्द ही बीज पर मिलने वाली सब्सिडी किसानों के बैंक खातों में डाल देगी।
छोटे किसानों को सूबा सरकार की ओर से गेहूं का बीज खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में आती है। गैस सिलेंडर की सब्सिडी की तरह ही बीज की सब्सिडी किसानों को मिलती है। किसान फसल बीजने के लिए गेहूं के बीज बाजार से पूरी रकम देकर खरीद लेते हैं। इसके बाद सरकार सब्सिडी की रकम किसानों के बैंक खातों में डाल देती है। सब्सिडी से फसल उगाने की किसानों की लागत कम हो जाती है, जिससे किसानों के वित्तीय हालात में सुधार होता है। इस बार गेहूं के बीज के लिए मिलने वाली सब्सिडी किसानों के बैंक खातों में नहीं पहुंची है।
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इस बार जिले के करीब 3400 किसानों ने सब्सिडी के लिए अप्लाई किया था। आमतौर पर गेहूं के बीज की सब्सिडी बीज खरीदने के दो महीने के दौरान आ जाती है इस बार करीब पांच महीने बीतने के बाद भी सब्सिडी नहीं मिल सकी है। सब्सिडी के इंतजार में बैठे जिले के किसानों का कहना है कि सूबा सरकार द्वारा सब्सिडी देने में की जा रही देरी से उनकी मुश्किलें बढ़ रहीं हैं। फसल की कटाई का समय नजदीक आ रहा है और कटाई में भी मजदूरी, साजो-सामान आदि का खर्च होता है। कई किसान सब्सिडी के पैसे का इस्तेमाल फसल की कटाई में करते हैं। सब्सिडी के पैसे न आने से फसल की कटाई में दिक्कत आ सकती है। वहीं ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. अमरीक सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से जल्द ही किसानों के बैंक खातों में सब्सिडी की रकम डाली जाएगी। विभाग के उच्चाधिकारी इस संबंध में समय-समय पर सरकार को लिखते हैं।
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