पंजाब के अमृतसर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज के 12 विद्यार्थियों को मंगलवार को अनुशासनहीनता के चलते निलंबित कर दिया गया है। करीब 10 दिन पहले दो गुटों में विवाद हुआ था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक जांच कमेटी का गठन किया। जांच में इन सभी छात्रों को दोषी पाया गया। कमेटी की सिफारिश पर सभी 12 छात्रों को निलंबित कर दिया गया। इनमें से छह छात्र एमबीबीएस अंतिम वर्ष और बाकी छह एमबीबीएस इंटर्न हैं।
कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल व कार्यकारी प्रिंसिपल प्रो. जेएस कुलार ने इनके निलंबन का आदेश जारी किया और कॉलेज परिसर में घुसने पर रोक लगा दी । एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्रों को 15 दिन और इंटर्न छात्रों को 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
क्या है मामला
10 दिन पहले इंटर्नशिप कर रहे सभी छात्र कॉलेज के नए ब्लाक हॉस्टल में बैठे थे। इस बीच एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र वहां से निकले तो पहले से बैठे छात्रों ने उन्हें मिलने पर विश नहीं करने की बात कही। इस बात पर दोनों गुटों में विवाद हो गया। जिसके बाद अंतिम वर्ष के छात्र अपने हॉस्टल में जाकर साथियों को बुलाकर वहां पहुंचे और फिर से विवाद शुरू हो गया। इस दौरान एक छात्र के सिर पर चोट लगी।
कॉलेज प्रबंधन ने सौंपी थी कमेटी को जांच
कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले में एक जांच कमेटी बनाकर उसे 10 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था। इस कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान लेने के साथ ही अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए। जिसमें सामने आया कि अंतिम वर्ष और इंटर्न छात्र सभी दोषी हैं। इसके बाद कमेटी ने सभी को निलंबित करने की सिफारिश की ।
कॉलेज परिसर में छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड्स की गश्त तेज की गई है। सभी हॉस्टलों की दिन और रात के समय औचक जांच की जा रही हैं। सभी छात्र निलंबन अवधि के दौरान कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं कर सकते। इनका निलंबन पीरियड समाप्त होने के बाद उनसे लिखित में अंडर टेकिंग ली जाएगी कि वे भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। इसकी सूचना छात्रों के परिजनों को भी दे दी गई है। -प्रोफेसर जेएस कुलार, कार्यकारी प्रिंसिपल, सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर।