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Amritsar: श्री पंजा साहिब साका के शताब्दी समागम के लिए 117 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना

Fri, 28 Oct 2022 03:42 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब साका की शताब्दी समागम में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करेंगे। पंजाब सरकार, भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार ने जत्थे में शामिल कई प्रमुख लोगों के नाम काट दिए।
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पाकिस्तान के लिए रवाना होते सिख श्रद्धालु। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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श्री पंजा साहिब साका के शताब्दी समागम में शामिल होने और साका के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सिख श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हो गया। एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने जयकारों के बीच 117 सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को एसजीपीसी कार्यालय से अटारी बॉर्डर के लिए रवाना किया। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह शनिवार को पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे।

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एसजीपीसी के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि सिख श्रद्धालु पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब साका की शताब्दी समागम में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करेंगे। पंजाब सरकार, भारत सरकार और पाकिस्तान सरकार ने जत्थे में शामिल कई प्रमुख लोगों के नाम काट दिए। जिनमें सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी गुरविंदर सिंह और एसजीपीसी सदस्यों के नाम शामिल हैं। 

सिख श्रद्धालुओं का यह जत्था छह दिन के वीजा पर पूर्व प्रधान गोबिंद सिंह लोंगोवाल और श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी साहिब ज्ञानी मलकीत सिंह के नेतृत्व में अटारी सीमा से पाकिस्तान गया। 
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उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने जत्थे की ओर से गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब और रेलवे स्टेशन पर कीर्तन करने की इच्छा जाहिर की थी मगर सरकारों ने रागी, कविश्री और ढाडी जत्थे के भी एक-एक सदस्य का नाम काट दिया, ताकि वे गुरुओं का सिमरन नहीं कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिर्फ 117 सिख श्रद्धालुओं को ही पाकिस्तान जाने की इजाजत दी जबकि 40 श्रद्धालुओं के वीजा आवेदन को अस्वीकार कर दिया। इससे एसजीपीसी आहत है। उन्होंने कहा कि सिख श्रद्धालुओं का यह जत्था दो नवंबर को वाघा-अटारी सीमा के रास्ते वापस भारत लौटेगा। 
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