गांव सतौज में लोगों को संबोधित करते भगवंत मान।
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आम आदमी पार्टी का सीएम चेहरा घोषित होने के बाद सांसद भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में सियासी समीकरण बदलने लगे हैं। लोग मान के समर्थन में खुलकर आने लगे हैं। सोशल मीडिया से लेकर अन्य मंच पर भगवंत मान की चर्चा है। इसके अलावा मान को धुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारने के पार्टी के निर्णय के गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
जानकारों के अनुसार आम आदमी पार्टी सांसद मान के पक्ष में चल रही लहर को जिला संगरूर व बरनाला की दसों विधानसभा सीटों तक सीमित नहीं रखना चाहती है, बल्कि संगरूर से सटे लुधियाना, पटियाला, मानसा, बठिंडा के आगे तक ले जाना चाहती है। आम आदमी पार्टी मालवा में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने बलबूते पर सरकार बनाने के सपने देख रही है। पार्टी के इस सपने को पूरा करने में सांसद मान तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर मान की फैन फॉलोइंग और उनके काफिले व छोटी रैलियों में उमड़ रहे हुजूम से पार्टी को भारी उम्मीद है। मुख्यमंत्री चेहरा घोषित होने के बाद मान के काफिले में नौजवानों का हुजूम फिर से उमड़ने लगा है। बुधवार शाम सांसद भगवंत मान अपनी माता, बहन, विधायक अमन अरोड़ा व हरपाल चीमा के साथ गांव सतौज पहुंचे।
लोगों ने भगवंत के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। भारी संख्या में ग्रामीणों को एकत्रित देख मान भावुक हो गए और कहा कि यदि वाहेगुरु व जनता का आशीर्वाद रहा तो पंजाब के मुख्यमंत्री का हरा पैन उनके हाथ में होगा। यह हरा पैन, हर गरीब, जरूरतमंद, किसान, नौजवान व आम लोगों के हक में चलेगा। अब तक तो यह हरा पैन नेताओं के चमचों व चापलूसों के हक में चलता रहा है। मान ने ग्रामीणों से कहा कि अपनी जन्मभूमि पर माथा टेकने आया हूं और अब चुनाव खत्म होने तक नहीं आ सकूंगा। गांव का बच्चा बच्चा चुनाव तक भगवंत मान बनकर अपनी जिम्मेदारी निभाए।