पंजाब में स्कूलों की हालत बदतर
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में स्कूलों की हालत बदतर है। सिसोदिया के दौरे में सामने आया कि मुख्यमंत्री के अपने हलके के एक सरकारी स्कूल में 70 बच्चे पढ़ते थे। स्कूल की हालत खराब होने के कारण 40 बच्चे वहां से निकल गए। अब सिर्फ 30 बच्चे बचे हैं। उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ एक अध्यापक है, जिसका वेतन 6 हजार रुपये है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में इस वर्ष 2.5 लाख अमीर परिवारों के बच्चों ने प्राइवेट स्कूलों से नाम कटवाकर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। अमेरिका में भी दिल्ली के स्कूलों की चर्चा है। गत वर्ष जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी मेलेनिया ट्रंप भारत आईं तो उन्होंने दिल्ली के सरकारी स्कूल देखने की इच्छा जताई थी।
‘चन्नी दे रहे गालियां, पर मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता’
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा कि जब से महिलाओं के खातों में एक हजार प्रति महीना डालने की घोषणा की है, तब से पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गाली दे रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि मुझे नए और फैशन वाले कपड़े पहनने का शौक नहीं है लेकिन, जब आप सरकार पंजाब की महिलाओं के खातों में एक हजार प्रति महीना डालेगी तो महिलाएं उस पैसे से कपड़े खरीद सकेंगी। मुझे काला अंग्रेज भी कहा गया लेकिन, उन्हें यह नहीं पता उनका रंग गांवों और गलियों में घूम-घूम कर काला हुआ है। चन्नी की गालियों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
भगवंत मान के बिगड़े बोल: कहा- पंजाब में अली बाबा चालीस चोरों की सरकार
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में कुछ समय पहले तक अली बाबा चालीस चोरों की सरकार थी। अब कांग्रेस हाईकमान ने अली बाबा को हटा दिया पर सरकार में चालीस चोर रख लिए हैं। मान ने सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी जिस तरह एलान कर रहे हैं, उनका नाम एलानमंत्री होना चाहिए। वह केवल एलान करने तक ही सीमित हैं।
कांग्रेस ने पहले भी पंजाबियों से किया कोई वादा पूरा नहीं किया है। अब भी उनसे यही उम्मीद है। पंजाब में सरकार नहीं ड्रामा चल रहा है। स्मार्ट स्कूलों के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाया गया। मुख्यमंत्री चन्नी पंजाब में शिक्षा की क्रांति लाने की बात कहते हैं, क्रांति सिर्फ स्कूलों की दीवारों पर ही आई है। दीवारों पर रंग पुतवा कर स्कूल को स्मार्ट का दर्जा दिया गया। हमें हमारा पंजाब ही चाहिए, कैलिफोर्निया या लंदन नहीं। भगवंत मान ने कहा कि इस चुनाव में लोग कांग्रेसियों से पांच साल का हिसाब मांगेंगे।