विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि ऋषि की राह बहुत कठिन होने वाली है। ब्रिटेन की जनता से लेकर पश्चिमी देशों तक को ऋषि से काफी उम्मीदें हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि वह जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरेंगे? उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? आइए जानते हैं...
भारतीय मूल के ऋषि सुनक ब्रिटेन के 57वें प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं। पीएम बनने के बाद उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में खुलकर कई मसलों पर बात की। पिछले छह महीने से ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि ऋषि सुनक के पीएम बनने के बाद सबकुछ ठीक हो जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि ऋषि की राह बहुत कठिन होने वाली है। ब्रिटेन की जनता से लेकर पश्चिमी देशों तक को ऋषि से काफी उम्मीदें हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि वह जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरेंगे? उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? आइए जानते हैं...
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ऋषि सुनक
- फोटो : social media
पहले जानिए प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि ने क्या-क्या बोला?
ऋषि ने सबसे पहले लिज ट्रस को देश और दुनिया की मुश्किल परिस्थितियों में उनके नेतृत्व के लिए शुक्रिया कहा। सुनक ने कहा कि सांसदों के समर्थन से वो "विनम्र और सम्मानित" महसूस कर रहे थे। ऋषि ने आगे कहा, 'मैं वादा करता हूं कि मैं पूरी ईमानदारी और विनम्रता से सेवा करुंगा। दिन रात ब्रितानी लोगों के लिए काम करता रहूंगा।'
ऋषि ने कहा, 'हमारा देश रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पहले कुछ गलतियां की गईं थीं, मैं उन्हीं गलतियों को ठीक करने के लिए चुना गया हूं। जो भी चुनौतियां आने वाली हैं, मैं पूरी निष्ठा के साथ उनसे निपटने वाला हूं। ये मेरा आप सभी से वादा है।'
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ऋषि सुनक ने लंदन के बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स III से मुलाकात की
- फोटो : सोशल मीडिया
अब जानिए ऋषि को किन-किन चुनौतियों का करना पड़ेगा सामना?
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'मौजूदा समय ब्रिटेन एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। फिर वह आंतरिक हो या वैश्विक। इन तमाम चुनौतियों का सामना ऋषि को करना पड़ेगा। इन सबके बीच उन्हें खुद की पार्टी में भी एक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है।' आदित्य ने ऋषि के सामने तीन बड़ी चुनौतियां बताईं।
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ऋषि सुनक और अक्षता मूर्ति
- फोटो : अमर उजाला
1. आर्थिक समस्याओं का करना पड़ेगा सामना: ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था काफी खराब है। डॉलर के मुकाबले पाउंड की हालत लगातार खराब हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भी आर्थिक संकट बरकरार है। अब ऋषि को इस स्थिति का सामना करना होगा।
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बोरिस जॉनसन के साथ लिज
- फोटो : अमर उजाला
2. तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों की रहेगी नजर: ब्रिटेन में तीन साल के अंदर तीन प्रधानमंत्री बदल चुके हैं। थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन और लिज ट्रस। पार्टी के अंदर इन तीनों पूर्व प्रधानमंत्रियों की पैनी नजर ऋषि पर रहेगी। ऋषि के हर कदम पर ये नेता सवाल खड़ा कर सकते हैं।
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ऋषि सुनक और बोरिस जॉनसन
- फोटो : अमर उजाला
3. विदेश नीति को मजबूत रखना : मौजूदा समय रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काफी उथल-पुथल है। ऐसे समय ब्रिटेन की विदेश नीति को मजबूत रखना भी ऋषि के सामने बड़ी चुनौती होगी। प्रधानमंत्री रहते हुए बोरिस जॉनसन युद्ध के बीच यूक्रेन गए थे। उन्होंने हर स्तर पर यूक्रेन को मदद देने का एलान किया था। अब देखना ये होगा कि ऋषि कैसे यूक्रेन की सहायता करते हैं?
ऋषि की कहानी जान लीजिए
ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्पटन में हुआ था। उनकी मां का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक है। वह तीन भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। 1960 में वह अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए थे। बाद में यहीं से उनका परिवार इंग्लैंड शिफ्ट हो गया। तब से सुनक का पूरा परिवार इंग्लैंड में ही रहता है। ऋषि ने भारत के बड़े उद्योगपतियों में शुमार इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से शादी की है। सुनक और अक्षता की दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम अनुष्का सुनक और कृष्णा सुनक है।
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अक्षता मूर्ति और ऋषि सुनक
- फोटो : अमर उजाला
ऋषि सुनक की शुरुआती पढ़ाई इंग्लैंड के 'विनचेस्टर कॉलेज' से हुई है। उन्होंने आगे की पढ़ाई ऑक्सफोर्ड से की है। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी प्राप्त की। ऋषि सुनक की अक्षता मूर्ति से मुलाकात एमबीए की पढ़ाई के दौरान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई थी। अक्षता इंफोसिस के संस्थापक एन. नारायणमूर्ति और इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा नारायणमूर्ति की बेटी हैं। पढ़ाई के दौरान ही दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। 2009 में दोनों की शादी बेंगलुरु में भारतीय रीति-रिवाज से हुई। अक्षता इंग्लैंड में अपना फैशन ब्रैंड भी चलाती हैं। आज की तारीख में वह इंग्लैंड की सबसे अमीर महिलाओं में से एक हैं। सुनक दंपती की दो बेटियां- कृष्णा और अनुष्का हैं।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद ऋषि ने 'गोल्डमैन सेक्स' में नौकरी की। ऋषि शुरू से काफी होनहार रहे हैं। 2009 में उन्होंने नौकरी छोड़ अपना व्यवसाय शुरू किया। इसके बाद उनका व्यवसाय बढ़ता ही गया। 2013 में 'कैटामारन वेंचर्स यूके लिमिटेड' में उन्हें और उनकी पत्नी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया। 2015 में उन्होंने इस फर्म से इस्तीफा दे दिया लेकिन उनकी पत्नी इससे जुड़ी रहीं। यह कंपनी अक्षता के पिता एन. नारायण मूर्ति की है।
ऋषि सुनक ने 2014 में पहली बार राजनीति में कदम रखा। 2015 में उन्होंने रिचमंड से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2017 में उन्होंने एक बार फिर जीत मिली। इसके बाद 13 फरवरी 2020 को उन्हें इंग्लैंड का वित्त मंत्री बनाया गया।