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नदियों का जल स्तर घटने से उत्तराखंड में बिजली संकट

Mon, 18 Apr 2016 12:34 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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सर्दियों में कम बारिश और हिमपात का असर अब विद्युत उत्पादन पर दिखने लगा है। गंगा, यमुना समेत विभिन्न नदियों पर स्थापित उत्तराखंड जल विद्युत निगम के हाइड्रो प्रोजेक्ट निर्धारित उत्पादन आधे से कम रह गया है, जिससे प्रदेश में बिजली संकट गहराने लगा है। बड़ी चिंता यह है कि यह स्थिति मानसून तक बनी रहेगी।
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उत्तराखंड में गंगा, यमुना, अलकनंदा, मंदाकिनी समेत विभिन्न नदियों, नहरों में जल विद्युत निगम के 13 हाइड्रो प्रोजेक्ट हैं। इससे पैदा होने वाली पूरी बिजली को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लेकर उपभोक्ताओं को पहुंचाता है। राज्य में इस वक्त बिजली की डिमांड तीन करोड़ 74 लाख 30 हजार पहुंच गई है।

जबकि जल विद्युत निगम के हाइड्रो प्रोजेक्ट में महज 80 लाख 40 हजार के आसपास बिजली उत्पादन हो पा रहा है। यह महीना हाइड्रो प्रोजेक्ट में बिजली उत्पादन की दृष्टि से अच्छा माना जाता है। वजह यह है कि इस समय बर्फ अधिक पिघलने के साथ-साथ पहाड़ों पर तेज बरसात कम होती है।
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इससे जहां नदियों में पानी का स्तर तो बढ़ जाता है, दूसरी ओर सिल्ट न आने से टरबाइनों को घुमाने में कोई जोखिम नहीं रहता है। इस बार इसके उलट हो रहा है। सर्दियों में पहाड़ों पर बर्फ कम पड़ने से तापमान बढ़ने के बावजूद नदियों में कम पानी आ रहा है।

कालागढ़ प्रोजेक्ट बंद, दूसरे प्रोजेक्ट में भी उत्पादन कम

जल विद्युत परियोजना
जल विद्युत निगम के एमडी एसएन वर्मा का कहना है कि इस बार बर्फ कम पड़ी है। जिससे बर्फ से पिघलकर मिलने वाले पानी की मात्रा कम है।

यूपी सिंचाई विभाग द्वारा पानी न छोड़े जाने से 41.40 मेगावाट का कालागढ़ हाइड्रो प्रोजेक्ट में उत्पादन ठप है। 198 मेगावाट के खटीमा प्रोजेक्ट में भी पानी कम होने से 66 मेगावाट की एक ही टरबाइन चल पा रही है। अन्य हाइड्रो प्रोजेक्ट में भी उत्पादन कम है। एमडी वर्मा का कहना है कि नदियों में इतना पानी नहीं है कि टरबाइनों को निरंतर चलाया जा सके।

पावर कारपोरेशन खरीद रहा अतिरिक्त बिजली
कारपोरेशन के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि राज्य के हाइड्रो प्रोजेक्ट में कम प्रोडक्शन और राज्य में डिमांड बढ़ने के चलते खुले बाजार से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। कारपोरेशन ने आज के लिए इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से 80 लाख यूनिट की बिजली खरीद कर ली है।
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संडे को रही बिजली की भी ‘छुट्टी’

‌ब‌िजली - फोटो : अमर उजाला
रविवार को छुट्टी के दिन देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली गुल रही। कई जगह बिजली की आंखमिचौली ने भी लोगों को परेशान किया। कुछ जगह तो घंटों की बिजली कटौती हुई। इससे पावर कारपोरेशन की ओर से मरम्मत के लिए एक घंटे से अधिक बिजली कटौती न करने के दावे की पोल खुल गई।

ट्रांसपोर्ट नगर फीडर से जुड़े पट्टियों चोइला, कैलाशपुर, ट्रांसपोर्ट नगर, मोहब्बेवाला, त्रिवेणी विहार, बुचडी एमईएस, शांति विहार आदि क्षेत्रों में सुबह दस बजे ही बत्ती गुल हो गई। यहां ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनों को ठीक करने, बदलने का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में तीन घंटे से भी अधिक का शटडाउन लेना पड़ा। इसी तरह, लक्खीबाग, आढ़त बाजार, सिंघल मंडी, भंडारी बाग, रामनगर बस्ती आदि स्थानों पर दो बजे बिजली कटौती शुरू हो गई थी।

लोग पावर कारपोरेशन दफ्तरों के फोन घनघनाते रहे, लेकिन बिजली आपूर्ति बहाल होने में पूरे चार घंटे का वक्त लग गया। वहीं, नेहरू कालोनी, बलबीर रोड, तेगबहादुर रोड, मोहनी रोड, रिस्पना नगर, आदर्श कालोनी, हरिद्वार आदि क्षेत्र में बिजली की आंखमिचौली से लोग परेशान रहे। ऊर्जा निगम के प्रवक्ता मधुसूदन ने बताया कि कटौती पर दिए गए निर्देश का उल्लंघन करने वाले अफसरों से एमडी जवाब तलब करेंगे।

बिजली कटौती संबंधी कोई समस्या हो तो आप इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं... 8392945705
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