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उत्तराखंड: ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, एक बुजुर्ग संग 112 बकरियां मरी

Wed, 11 May 2016 11:33 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, विकासनगर-त्यूनी-चकराता
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heavy hailstorm in chakrata - फोटो : amar ujala
चकराता के त्यूनी में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। ओलावृष्टि से कई गांवों में 112 बकरियों की मौत हो गई। वहीं, सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गईं और करीब दो दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया। बारिश के साथ करीब 25 मिनट तक जमकर ओले गिरे। जिससे खेतों में सफेद चादर बिछ गई।
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heavy hailstorm in chakrata - फोटो : amar ujala
सोमवार रात हुई तेज बारिश से जहां कर्णप्रयाग-ज्योलीकोट हाईवे चार घंटे बंद रहा, वहीं चकराता-लाखामंडल मोटर मार्ग भी पहाड़ी दरकने से दांवापुल के पास बंद हो गया। उधर, थराली के आधा दर्जन मोटर मार्ग मंगलवार को भी नहीं खुले।  मंगलवार को हुई ओलावृष्टि से खेत में काम रहे कई किसानों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंच कर खुद को बचाया।
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heavy hailstorm in chakrata
इससे दो दर्जन गांवों का संपर्क चकराता से कट गया। सावड़ा खड्ड में आए उफान से सावड़ा बाजार के लिए बिछाई गई पेयजल लाइन बह गई। यहां के 60 परिवारों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है। मैदानी क्षेत्र में भी मंगलवार को आंधी तूफान से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गढ़वाल में बारिश से सिरोली में बरसाती नाले में आए उफान से कर्णप्रयाग-ज्योलीकोट मोटर मार्ग सुबह नौ बजे बंद हो गया।

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heavy hailstorm in chakrata
ओलों से सेब, नाशपाती, आड़ू, खुमानी, पूलम को भी भारी क्षति पहुंची है। नागथात क्षेत्र में शाम तीन बजे 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। उपजिलाधिकारी ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। उधर, चकराता-लाखामंडल मोटर मार्ग पर पहाड़ी दरकने से दांवापुल के पास वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।
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इस दौरान सिमली, भटोली, उज्जवलपुर, खगेली आदि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी फंसे रहे, जबकि गढ़वाल और कुमाऊं को जाने वाले मुसाफिर भी चार घंटे यहीं अटके रहे। दूसरी ओर, थराली तहसील के थराली-घाट, डुंग्री-रूइसाण, थराली-पार्था, बूंगा-कोलपुड़ी, डुंग्री-रतगांव मोटर मार्ग रविवार से बंद हैं, जिससे तहसील के 20 से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है।
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