यहीं मिला था निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र का शव
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धर्मेंद्र के पहुंचने पर खुला सुरेंद्र की मौत का राज
धर्मेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शुक्रवार सुबह वह दुकान पर पहुंचे थे। इससे पहले बुधवार शाम उनकी आखिरी बार सुरेंद्र से मुलाकात हुई थी। शुक्रवार सुबह दुकान पर एक दीवानजी बैठे थे और चाय पीने की बात कह रहे थे, लेकिन खोखे का शटर बंद था। धर्मेंद्र के मुताबिक, शटर पर हाथ मारा, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद लॉक पर जोर लगाया तो वह पहले से ढीला था, तो एकदम खुल गया। अंदर देखा तो शव पड़ा था। गले में रस्सी कसी हुई थी। आधी रस्सी का हिस्सा नीचे तो आधा ऊपर पंखे की तरफ बंधा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और सुरेंद्र के बैग की तलाशी ली। बैग से मिले पहचान पत्र के आधार पर उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई। धर्मेंद्र ने बताया कि उन्हें भी उसके असली नाम और निठारी कांड के बारे में जानकारी नहीं थी। करीब 15 दिन पहले ही उनकी सुरेंद्र से मुलाकात हुई थी। उस समय उसने अपना नाम सदाराम बताया था और काम की तलाश में होने की बात कहते हुए रोते हुए काम दिलाने के लिए मदद मांगी थी।