साल 2020 पूरे देशवासियों के लिए कष्टदायी रहा। मार्च से ही कोरोना का संक्रमण ऐसा फैला कि अभी तक इससे उबरपाना मुश्किल लगता है। वाराणसी में भी इसका असर पड़ा है। आम आदमी तो कोरोना से जंग लड़ ही रहा था, लेकिन सबसे अहम भूमिका स्वास्थ्य विभाग की रही। डॉक्टर हो या पैरामेडिकल स्टॉफ सभी ने अपनी जिम्मेदारियों की निर्वहन बखूबी किया और अब भी कर रहे हैं। हालांकि कोरोना से जंग में सफलता के लिए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की टीम भी जूझती रही। कोरोना की जंग लड़ते लड़ते एडिशनल सीएमओ डॉ. जंगबहादुर के साथ ही होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी को भी जंग हारनी पड़ी।