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Year Ender 2020: कोरोना के साए और वैक्सीन के इंतजार में बीता साल, 349 लोगों ने वाराणसी में कोरोना से तोड़ा दम

Sat, 26 Dec 2020 01:22 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी Year Ender 2020
साल 2020 पूरे देशवासियों के लिए कष्टदायी रहा। मार्च से ही कोरोना का संक्रमण ऐसा फैला कि अभी तक इससे उबरपाना मुश्किल लगता है। वाराणसी में भी इसका असर पड़ा है। आम आदमी तो कोरोना से जंग लड़ ही रहा था, लेकिन सबसे अहम भूमिका स्वास्थ्य विभाग की रही। डॉक्टर हो या पैरामेडिकल स्टॉफ सभी ने अपनी जिम्मेदारियों की निर्वहन बखूबी किया और अब भी कर रहे हैं। हालांकि कोरोना से जंग में सफलता के लिए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों की टीम भी जूझती रही। कोरोना की जंग लड़ते लड़ते एडिशनल सीएमओ डॉ. जंगबहादुर के साथ ही होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी को भी जंग हारनी पड़ी।
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कोरोना वायरस की जांच - फोटो : Amar Ujala
21 मार्च को मिला पहला कोरोना मरीज
जिले में कोरोना का पहला मरीज 21 मार्च को संक्रमित हुआ। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया। दूसरा मरीज भी 28 मार्च को मिला। इसके बाद न केवल स्वास्थ्य विभाग, बल्कि जिला प्रशासन भी मुस्तैद हो गया। कोविड अस्पताल बनाने के साथ ही वहां स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई। इसके बाद तो एक के बाद एक मरीजों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया जो अब तक जारी है।
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जमातियों और परिजनों पर रही विशेष नजर
कोरोना संक्रमण के शुरुआती दिनों में ही जमातियों और उनके संपर्क में आए परिवारीजनों पर विशेष नजर रखी गई। दिल्ली में जमातियों के संक्रमित होने की जानकारी मिलने के बाद से ही स्थानीय स्तर पर जांच शुरू हो गई। एक के बाद एक जमाती और उनके संपर्क वालों की जांच हुई तो धीरे-धीरे संख्या 100 के पार पहुंच गई।

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शहर में किया था रूट मार्च। - फोटो : अमर उजाला।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा को 2020 में कई सुविधाएं मिलीं। इसमें कोरोना से जंग लड़ने के लिए कोरोना लैब की सौगात मिली। इसके बाद न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को जांच में सहूलियत हुई। यही नहीं यहां इमरजेंसी में आठ बेड का आईसोलेशन वार्ड भी बनाया गया। यहां अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों को भर्ती कर इलाज किया गया। इसके अलावा इमरजेंसी सहित अन्य जगहों पर आने वाले मरीजों के लिए वेंटीलेटर भी मिला।
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लॉकडाउन में घूमने वालों से पुलिस करती थी पूछताछ। - फोटो : अमर उजाला।
जिला महिला अस्पताल
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में गर्भवती महिलाओं, बच्चों के सेहत की जांच के लिए एमसीएच विंग का लोकार्पण भी 2020 में हुआ। इसके बाद यहां कोरोना संदिग्ध गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर इलाज की सुविधा भी शुरू हो गई। जांच के लिए उपकरण भी आए हैं। अब नए साल में इसके सामान्य तरीके से संचालन शुरू होने की संभावना है।
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कोविड अस्पताल बना सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स
कोरोना से जंग लड़ने में सबसे अहम भूमिका बीएचयू सुपरस्पेशियलिटी कांपलेक्स की रही। इसको लेवल तीन का कोविड अस्पताल बनाया गया। एक ही छत के नीचे कई विभागों की ओपीडी चलाने के लिए इस कांपलेक्स को बनवाया गया था। कोरोना की जंग में सुपरस्पेशियलिटी कांपलेक्स की पूरी टीम लगी है। इसके अलावा अस्पताल में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का काम भी शुरू हुआ।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
ये बने कोविड अस्पताल
बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी कांपलेक्स
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल
ईएसआई हॉस्पिटल
हेरिटेज मेडिकल कॉलेज
राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, चौकाघाट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर
(इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी कोविड अस्पताल बनाया गया)

एक नजर में कोरोना का आंकड़ा
जिले में पहला कोरोना मरीज 21 मार्च
जिले में कोरोना से पहली मौत 5 अप्रैल
कोरोना का पहला अस्पताल बना दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल

शुक्रवार को तीन साल की बच्ची समेत मिले 67 मरीज
वाराणसी में कोरोना मरीजों की संख्या 20895 हो गई है, वहीं एक्टिव मरीज 424 हैं। अभी तक 20122 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। 349 लोगों की मौत हो चुकी है।
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