कुष्ठ रोगियों को देखकर भले ही आम इंसान मुंह फेर लेते हैं लेकिन काशी में एक ऐसी चौखट भी है जहां अवधूत के स्वरूप खुद कुष्ठ रोगियों को गले से लगाते हैं। पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम के आश्रम की चौखट से कुष्ठ रोगियों को नवजीवन का आशीर्वाद मिलता है। बाबा के आश्रम से अभी तक साढ़े चार लाख कुष्ठ रोगी स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं।
श्री सर्वेश्वरी समूह की स्थापना के बाद आश्रम में सबसे पहले मंदिर की जगह पहला भवन कुष्ठ अस्पताल व भर्ती वार्ड का ही बनाया गया। आश्रम के संयुक्त मंत्री अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल की स्थापना जनवरी 1962 में की गई थी। पुरुषों के लिए 40 बिस्तर एवं महिलाओं के लिए 10 बिस्तर का अस्पताल निर्मित हुआ।
औघड़ संत अवधूत राम अपने हाथों से कुष्ठियों के घाव की सफाई करके मरहम पट्टी लगाते थे। अपनी चिकित्सा पद्धति से इलाज कर विश्व में सबसे अधिक कुष्ठ रोगी ठीक करने के लिए संस्था का नाम गिनीज बुक व लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में बहुत पहले ही दर्ज हो चुका है।