गंगा में प्रतिमा विसर्जन की अनुमति के लिए दो संतों ने अन्न-जल का त्याग कर दिया। लेकिन देर रात पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को बुरी तरह पिटाई कर दी थी। लाठीचार्ज से वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने लोगों और साधु-संतो पर लाठियां भांजीं। इसमें स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद, बालक दास समेत 40 से अधिक संत-बटुक घायल हुए थे।