वाराणसी सामूहिक हत्याकांड में मृत राजेंद्र की मां शारदा देवी के बयान के आधार पर उसका बड़ा भतीजा विशाल शक के घेरे में है। विक्की पांच मोबाइल नंबर इस्तेमाल करता था, मगर अब सभी नंबर स्विच्ड ऑफ हैं।
वाराणसी के भदैनी में हुई पांच लोगों की हत्या के बाद पुलिस के हाथ खाली हैं। राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी और तीन बच्चों की गोली मारकर की गई हत्या में तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी पुलिस के हाथ कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं लगी। राजेंद्र की मां शारदा देवी के बयान के आधार पर उसका बड़ा भतीजा विशाल गुप्ता उर्फ विक्की शक के घेरे में है।
विक्की पांच मोबाइल नंबर इस्तेमाल करता था, मगर अब सभी नंबर स्विच्ड ऑफ हैं। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से भी पुलिस की छह टीमें यह पता नहीं लगा सकी हैं कि विक्की कहां है। राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र व गौरांगी का शव मंगलवार को उनके घर में मिला था।
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विशाल उर्फ विक्की का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मां शारदा देवी के अनुसार, उनके छोटे बेटे कृष्णा व बहू मंजू और पति लक्ष्मी नारायण की हत्या का आरोप राजेंद्र पर था। कृष्णा के बड़े बेटे विक्की और राजेंद्र की आपस में नहीं बनती थी। विक्की ने दीपावली से पहले उनसे कहा था कि बड़े पापा संपत्ति में उसे और उसके भाई जुगनू को हिस्सा नहीं देंगे। इसलिए वह उन्हें और उनके परिवार को खत्म कर देगा।
उन्होंने विक्की को समझाया भी था कि वह ऐसा कुछ न करे। डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने कहा कि पुलिस टीमें वाराणसी के अलावा अन्य शहरों में विक्की की तलाश में दबिश दे रही हैं। उम्मीद है कि वह जल्द गिरफ्त में होगा।
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Varanasi Mass murder
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सोशल मीडिया अकाउंट से लेकर दोस्तों तक नजर
पुलिस ने विक्की के सोशल मीडिया अकाउंट और उसके बैंक खातों का भी ब्योरा जुटाया है। सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक खातों की मदद से उसकी गतिविधियों की टोह लेने की कोशिश की जा रही है।
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चार युवकों को मुंबई से लेकर आ रही पुलिस
राजेंद्र और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या से पहले चार नवंबर की रात उसके घर से कुछ दूरी पर चार युवक सामान ले जाते हुए सीसी कैमरे में कैद हुए थे। पुलिस की पड़ताल में यह सामने आया था कि चारों पूजा-पाठ करने वाले युवक थे। पूजा-पाठ के काम से ही चारों कहीं जा रहे थे। पुलिस ने चारों की खोजबीन की तो पता लगा कि वह मुंबई में हैं। पुलिस की एक टीम चारों युवकों को मुंबई से वाराणसी लेकर आ रही है। चारों से पूछताछ की जाएगी। उधर, घटना के संबंध में राजेंद्र के छोटे भतीजे प्रशांत उर्फ जुगनू से पुलिस की पूछताछ जारी है। फिलहाल जुगनू से भाई विक्की के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
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46 घंटे में पूरी हुई पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
उधर, वाराणसी के भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र व गौरांगी की हत्या के बाद सरकारी लापरवाही के कारण 46 घंटे में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न हुई। इसके बाद शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस से हरिश्चंद्र घाट तक शव पहुंचाने के लिए तीन एंबुलेंस के चालकों ने राजेंद्र के रिश्तेदारों से लंबी किचकिच के बाद 19 हजार रुपये वसूले।
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घर में मिले थे चार शव
भदैनी स्थित घर में मंगलवार को नीतू, नमनेंद्र, सुबेंद्र और गौरांगी का शव मिला था। मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में राजेंद्र का शव मिला था। पांचों के सिर, सीने और कनपटी में 15 गोली मारी गई थी। नीतू और तीनों बच्चों के शव को शाम 4 बजे और राजेंद्र के शव को शाम सात बजे शिवपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस ले जाकर पुलिस ने रखवा दिया था।
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मशीन खराब होने से नहीं हुआ एक्स-रे
बुधवार को मंडलीय अस्पताल में पांचों शव एक्स-रे के लिए भेजे गए। मशीन खराब होने की वजह से एक्स-रे काफी देर से हुआ। इसके बाद रात आठ बजे के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई। नीतू और सुबेंद्र को गोली कहां लगी है, यह स्पष्ट न होने पर दोनों के शव का दोबारा एक्स-रे हुआ। इसके बाद जाकर बृहस्पतिवार की दोपहर 2 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया संपन्न हुई।
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पोस्टमार्टम के बाद हरिश्चंद्र घाट तक शवों को जाने के लिए तीन एंबुलेंस चालकों ने परिजनों से 30 हजार रुपये मांगे। लंबी किचकिच के बाद 19 हजार रुपये में बात तय हुई। पुलिस की तगड़ी सुरक्षा में मां शारदा देवी और परिजनों की मौजूदगी में पांचों शवों की अंत्येष्टि की गई।
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वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या
वाराणसी शहर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। भदैनी इलाके में एक बहुमंजिला मकान के अलग-अलग तल से मंगलवार को एक महिला, उसके दो बेटों और एक बेटी का शव मिला। पांचों की कनपटी और सीने में गोली मारी गई है। घटनास्थल से लगभग 14 किलोमीटर दूर मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में महिला के पति का अर्धनग्न शव बेड पर मिला है। उसे भी गोली मारी गई थी।
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दोनों ही घटनास्थल से मिले खोखा के आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि पांचों लोगों की हत्या में .32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस पुराने विवाद और घटनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृत राजेंद्र पर अपने पिता, छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ ही एक चौकीदार की हत्या का आरोप था।
फ्लैट में रहता था राजेंद्र गुप्ता का परिवार
भदैनी पावर हाउस के सामने की गली में राजेंद्र गुप्ता (56) का पांच मंजिला (भूतल और चार मंजिला) मकान है। मकान के अगले हिस्से में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर राजेंद्र का एक-एक फ्लैट है। जबकि, अन्य फ्लैट और उससे सटे टिनशेड में 40 किरायेदार रहते हैं। राजेंद्र के साथ घर में मां शारदा देवी के अलावा उसकी दूसरी पत्नी नीतू (45), बेटे नमनेंद्र (24) व सुबेंद्र (15) और बेटी गौरांगी (17) रहते थे।
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सफाई करने वाली आई तो हुआ हत्याकांड का खुलासा
मंगलवार की सुबह 11 बजे घर की सफाई करने के लिए रीता देवी प्रथम तल स्थित फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस बीच रीता ने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू फर्श पर खून से लथपथ निढाल पड़ी थी। वह भाग कर दूसरे तल पर स्थित फ्लैट में गई तो वहां एक कमरे में नवेंद्र फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी।
वहीं, सुबेंद्र का शव बाथरूम में मिला। सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो राजेंद्र घर पर नहीं था। राजेंद्र के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ट्रैक करना शुरू किया तो उसकी लोकेशन मीरापुर रामपुर गांव में मिली। पुलिस वहां पहुंची तो निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में मच्छरदानी लगे बिस्तर पर राजेंद्र निढाल पड़ा था।