वाराणसी सामूहिक हत्याकांड में मृत राजेंद्र की मां ने एक और खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि विक्की के प्रति राजेंद्र का व्यवहार कभी सामान्य नहीं रहता था। कभी-कभी वह विक्की को जान से मारने की धमकी भी देता था।
वाराणसी के भदैनी निवासी राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों नमनेंद्र, सुबेंद्र व गौरांगी की हत्या के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। राजेंद्र की मां शारदा देवी ने बताया कि उनका बड़ा बेटा राजेंद्र उनके बड़े पोते विक्की की अकसर पिटाई कर देता था। विक्की के प्रति राजेंद्र का व्यवहार कभी सामान्य नहीं रहता था। कभी-कभी वह विक्की को जान से मारने की धमकी भी देता था। उसने विक्की को अपने साथ 25 हजार रुपये प्रतिमाह पर काम करने के लिए भी कहा था। मगर, विक्की ने मना कर दिया था। दीपावली के बाद भाई दूज के दिन विक्की ने राजेंद्र की बेटी गौरांगी से टीका लगवाया था और उसे शगुन के पैसे भी दिए थे।
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विशाल उर्फ विक्की का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
अक्सर राजेंद्र से विवाद करता था विक्की
इससे पहले, बुधवार को मृत राजेंद्र की मां बुजुर्ग शारदा देवी ने पुलिस को बताया कि उसके मृत छोटे बेटे कृष्णा का बड़ा बेटा विक्की अक्सर राजेंद्र से विवाद करता था। वह कहता था कि उसे उसका हिस्सा सही ढंग से नहीं मिला तो वह पूरे परिवार को मार डालेगा। विक्की दीपावली के दिन ही राजेंद्र की हत्या करने की बात कह रहा था।
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Varanasi Mass murder
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राजेंद्र ने 28 साल पहले अपने छोटे भाई और उसकी पत्नी की करवाई थी हत्या
उधर, राजेंद्र के पड़ोसियों ने बताया कि संपत्ति के लालच में राजेंद्र ने 28 साल पहले वर्ष 1996 में अपने छोटे भाई कृष्णा और उसकी पत्नी मंजू की हत्या भाड़े के शूटरों से कराई थी। वर्ष 1997 में राजेंद्र पर उसके पिता लक्ष्मी नारायण गुप्ता और उनके एक चौकीदार की हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि, राजेंद्र की मां शारदा देवी ही मामले में वादी थी। इस कारण मां को अपने पक्ष में करके वह जेल से बाहर आ गया था। वहीं, कृष्णा और मंजू की हत्या का मामला रफा-दफा हो गया।
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किरायेदार नीतू से किया था प्रेम विवाह
जेल से बाहर आने के बाद वर्ष 1999 में उसने भदैनी में अपने किरायेदार एक ब्राह्मण परिवार की नीतू से प्रेम विवाह किया था। नीतू से प्रेम विवाह के बाद ही परिजन ने उससे नाता तोड़ लिया था। राजेंद्र गुप्ता के बाबा पन्ना साव अपने दौर के संपन्न लोगों में शुमार थे। भदैनी इलाके के लोगों ने बताया कि पन्ना साव किराये पर 150 रिक्शा चलवा कर बड़े पैमाने पर चल-अचल संपत्ति के मालिक बन गए।
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मृत कृष्णा के दो बेटे विक्की और प्रशांत उर्फ जुगनू और बेटी डॉली है। जुगनू दिल्ली में रह कर काम करता है। विक्की खुद के बारे में कभी बताता था कि वह बंगलूरू में रह कर काम करता है। कभी कहता था कि तमिलनाडु में रहता है तो कभी अहमदाबाद या फिर मुंबई में रहकर काम करने की बात कहता था।
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पुलिस इस शख्स को बता रही हत्याकांड की मास्टरमाइंड
राजेंद्र सहित उसके परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के बाद जुगनू सहित परिवार और रिश्तेदारी के अन्य सदस्य आ गए, लेकिन विक्की का कहीं कोई पता नहीं लगा। कॉल करने के बाद भी उसने अपने सारे मोबाइल फोन बंद कर लिए। इससे पुलिस का शक गहरा गया है। पुलिस वारदात का मास्टरमाइंड विक्की को ही बता रही है।
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चार युवकों को मुंबई से लेकर आ रही पुलिस
राजेंद्र और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या से पहले चार नवंबर की रात उसके घर से कुछ दूरी पर चार युवक सामान ले जाते हुए सीसी कैमरे में कैद हुए थे। पुलिस की पड़ताल में यह सामने आया था कि चारों पूजा-पाठ करने वाले युवक थे। पूजा-पाठ के काम से ही चारों कहीं जा रहे थे। पुलिस ने चारों की खोजबीन की तो पता लगा कि वह मुंबई में हैं। पुलिस की एक टीम चारों युवकों को मुंबई से वाराणसी लेकर आ रही है। चारों से पूछताछ की जाएगी। उधर, घटना के संबंध में राजेंद्र के छोटे भतीजे प्रशांत उर्फ जुगनू से पुलिस की पूछताछ जारी है। फिलहाल जुगनू से भाई विक्की के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।
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जलती चिताओं को अपलक देखती रहीं शारदा देवी
बृहस्पतिवार की शाम पांचों सदस्यों को राजेंद्र के छोटे भतीजे प्रशांत उर्फ जुगनू ने पुलिस हिरासत में मुखाग्नि दी। हरिश्चंद्र घाट पर राजेंद्र सहित परिवार के पांच सदस्यों के शव पहुंचे तो रिश्तेदारों ने हाथ नहीं लगाया। शवों से आ रही दुर्गंध के कारण सभी दूरी बनाकर खड़े थे। इस पर भेलूपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने पांचों शव को एंबुलेंस से उतारकर कंधा दिया और हरिश्चंद्र घाट तक पहुंचाया। दो-दो मीटर की दूरी पर परिवार के पांचों सदस्यों की चिताएं सजीं।
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वाराणसी हत्याकांड
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शारदा देवी ने बात करने से किया इनकार
राजेंद्र के छोटे भतीजे जुगनू ने मुखाग्नि दी। वह मास्क लगाए हुए था। घटना के संबंध में किसी से बातचीत करने से इन्कार कर दिया। बड़े बेटे-बहू, दो पोतों और एक पोती की अंत्येष्टि के दौरान वृद्धा शारदा देवी भी मौजूद थीं। वह पांचों की चिता को अपलक देख रही थीं। इससे पहले 1996-97 में शारदा देवी के छोटे बेटे व उसकी पत्नी और पति की हत्या की गई थी।
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शारदा बोलीं-सब कुछ खत्म हो गया
तीनों हत्याओं का आरोप राजेंद्र पर ही था। शारदा देवी ने कहा कि अब सबकुछ खत्म हो गया। कुछ नहीं बचा। पता नहीं इस जीवन में अभी और न जाने क्या-क्या देखना बाकी है। उनकी नौकरानी और नौकर बड़ी ही मुश्किल से उन्हें संभाले हुए थे। उधर, डोम राजा परिवार के सुनील चौधरी ने कहा कि हमने अब तक के जीवन में एक परिवार के पांच सदस्यों की एकसाथ अंत्येष्टि नहीं कराई थी। पूरे परिवार के साथ बहुत खराब हुआ।
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वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या
वाराणसी शहर में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गोली मार कर हत्या कर दी गई। भदैनी इलाके में एक बहुमंजिला मकान के अलग-अलग तल से मंगलवार को एक महिला, उसके दो बेटों और एक बेटी का शव मिला। पांचों की कनपटी और सीने में गोली मारी गई है। घटनास्थल से लगभग 14 किलोमीटर दूर मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में महिला के पति का अर्धनग्न शव बेड पर मिला है। उसे भी गोली मारी गई थी।
दोनों ही घटनास्थल से मिले खोखा के आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि पांचों लोगों की हत्या में .32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस पुराने विवाद और घटनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मृत राजेंद्र पर अपने पिता, छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ ही एक चौकीदार की हत्या का आरोप था। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।