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काशी में गंगा का रौद्र रूप: लगातार जलस्तर बढ़ने से अब गंगा का शहर की ओर रुख, तटीय गांव-कॉलोनियां डूबीं

Thu, 12 Aug 2021 09:53 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बाढ़ के पानी में से होकर निकलता शख्स, अस्सी मोहल्ले में डूबे मकान। - फोटो : अमर उजाला
बनारस में गंगा में उफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई इलाकों को जलमग्न करने के बाद गंगा अब शहर की ओर बढ़ रही हैं। वहीं, बढ़ते जलस्तर के कारण टिकरी में बना हुआ अस्थायी बांध बुधवार को टूट गया। बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी बस्तियों की ओर तेजी से बढ़ने लगा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 72.12 मीटर दर्ज किया।

बुधवार की सुबह गंगा के जलस्तर में बढ़ाव का सिलसिला जारी रही है। वहीं देर रात से हो रही बरसात के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थितियां गंभीर हो गई हैं। वाराणसी में तटवर्तीय इलाकों में बाढ़ से लोग परेशान हो गए हैं। सैकड़ों परिवारों को पलायन कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। शिविरों में भी उनको खाने, रहने की समस्या हो रही है। देखें अगली स्लाइड्स...
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे 72.02 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (71.26 मीटर) से 76 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके बाद गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी था। दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 72.06, तीन बजे 72.09 और शाम को छह बजे गंगा का जलस्तर 72.12 मीटर तक पहुंच गया।
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रामनगर पुल के पिलर डूबने लगे। - फोटो : अमर उजाला
जलस्तर में बढ़ाव के कारण टिकरी में 2013 में बना अस्थायी पांच फीट ऊंचा और चार फीट चौड़ा बंधा बह गया। इससे टिकरी और रमना बनपुरवा के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले लोगों को पलायन करना पड़ा। पानी भरने के कारण दर्जनों घर तराई में डूब गए।

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पानी फैलकर टिकरी साहनी बस्ती और रमना कुटिया की तरफ चढ़ने लगा है। टिकरी के रहने वाले रमेश साहनी, मुरली साहनी, मल्लू साहनी ने बताया कि बाढ़ का पानी चढ़ने से इन लोगों का घर डूब गया।
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सामनेघाट की आधा दर्जन से अधिक पॉश कालोनियां गंगा में डूब चुकी हैं। करोड़ों के आलीशान मकान में रहने वाले लोग सुरक्षित ठिकानों पर पनाह ले रहे हैं। कोई बाढ़ राहत शिविर तो कोई अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां ठहरा है।
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