वाराणसी की चर्चित प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी राजपूत ने खुद को जहर का इंजेक्शन लगा कर आत्महत्या कर ली। 11 साल पहले उनके पति डॉक्टर डीपी सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोप में डॉ. शिल्पी जेल भी जा चुकी थीं। डॉ. शिल्पी जिस कमरे में मृत पाई गईं वहां से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें उन्होंने जो कारण लिखें हैं वह पढ़ कर हर कोई हैरान है। लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर ऐसे कैसे हो सकता है? आगे की स्लाइड्स में देखें..
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- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र स्थित न्यू उमंग नर्सिंगहोम की संचालिका डॉ. शिल्पी (48) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं। पुलिस के अनुसार गुरुवार की रात 1:30 से 2 बजे के बीच डॉ. शिल्पी ने खुद को जहर के दो इंजेक्शन लगाए। सुबह सूचना मिलने पर उनकी बहन पहुंची और उन्हें लेकर अस्पताल गईं। यहां चिकित्सकों ने महिला डॉक्टर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अभी तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
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कैंट पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में उन्होंने अपने बेटे पर आरोप लगाए हैं कि वह उनकी हत्या करना चाहता है। डॉ शिल्पी का एक बेटा उमंग और एक बेटी दीप्ति है। दोनों दिल्ली में रहते हैं। बेटा नौकरी करता है और बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ रही है। डॉ.शिल्पी ने सुसाइड नोट में अपने बेटे उमंग पर आरोप लगाया कि वह उनकी हत्या करना चाहता था और संपत्ति हड़पना चाहता है। इसके साथ ही उन्होंने सुसाइड नोट में अपने पति का जिक्र करते हुए लिखा है कि उन्होंने 17 वर्ष एक हैवान के साथ बिताए और अपने बच्चों को पाला।
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डॉ. शिल्पी के पति और सरकारी चिकित्सक रहे डॉ. डीपी सिंह की 11 वर्ष पहले 13 सितंबर 2007 को पांडेयपुर क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में डॉ. शिल्पी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में छह अन्य आरोपियों के साथ जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। उनके जानने वालों का कहना है कि पिछले कुछ समय से उनका व्यवहार ठीक नहीं था। उन्हें बहुत कम नींद आती थी। वह काफी बड़बड़ाती रहती थीं। ड्रग्स और एस्टेरॉइड के इंजेक्शन भी लेती थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीसी फुटेज में वह इंजेक्शन लेते दिख रही हैं।
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डॉक्टर की मौत की बात जैसे ही फैली। दूर-दूर से चिकित्सक व जानने वाले लोग उनको देखने पहुंचने लगे। महिला चिकित्सक का स्टाफ भी इस घटना से स्तब्ध था। स्टाफ ने बताया कि वह तनाव में थी जरूर मगर अस्पताल का प्रबंधन वही देख रही थीं। दूर-दूर से मरीज आते थे। उधर, पुलिस ने सीसी फुटेज के साथ चिकित्सक के चैंबर में मिले साक्ष्यों को जुटाया और उसे जांच के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर जांच कर रही है। सीओ कैंट डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि संभवत: महिला चिकित्सक ड्रग्स लेती थीं। हालांकि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।