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वाराणसी एनकाउंटर: पूर्वांचल में रंगदारी मांगने के लिए कुख्यात था किट्टू, मौत से एक दिन पहले सराफा कारोबारी को धमकाने का वायरल हुआ था वीडियो

Fri, 27 Nov 2020 05:57 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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वाराणसी में व्यवसायी से रंगदारी मांगने का फुटेज वायरल - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के बड़ी पियरी निवासी रोशन गुप्ता उर्फ किट्टू ने एनकाउंटर के एक दिन पहले अपने घर के समीप ही रहने वाले बड़ी पियरी निवासी सराफा कारोबारी से बीती 15 नवंबर की रात 50 लाख की रंगदारी मांगी थी। पिस्टल सटाकर काफी देर तक कारोबारी को धमकाने का सीसी फुटेज बुधवार की दोपहर सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

इसे लेकर पुलिस की खासी किरकिरी हुई थी। गुरुवार की रात पुलिस मुठभेड़ में किट्टू के मारे जाने के बाद सराफा कारोबारी ने कहा कि पुलिस और प्रदेश सरकार पर उनका भरोसा कायम है। इस घटना से अपराधी डरेंगे और आमजन सुकून से रहेंगे। कारोबारी ने एसएसपी अमित पाठक और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी ही पुलिसिंग होनी चाहिए ताकि हर कोई सुकून से रहे।

 
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वाराणसी एनकाउंटर: मौके पर मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, किट्टू ने वर्ष 2011 में दशाश्वमेध क्षेत्र के खालिसपुरा के गोपाल यादव की हत्या करके जरायम जगत में प्रवेश किया था। फिर उसने 29 जुलाई 2015 को मुठभेड़ में मारे गए रोहित सिंह उर्फ सनी के गिरोह का दामन थाम लिया।

इसके बाद शहर के ठेकेदारों, व्यापारियों और डॉक्टरों से किट्टू रंगदारी मांगने के लिए कुख्यात हो गया था। इस बीच किट्टू का नाम गाजीपुर में सराफा कारोबारियों की हत्या व लूट, हत्या के प्रयास और डकैती में लगातार सामने आता रहा। फिर वर्ष 2012 में भोजूबीर में सुपारी लेकर बैंक कर्मी महेश जायसवाल की हत्या में किट्टू का नाम सामने आया।
 
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वाराणसी एनकाउंटर: घटनास्थल पर पड़ा असलहा - फोटो : अमर उजाला
इस मामले में चंदौली का पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल भी आरोपी है। सनी जब एसटीएफ के हाथों मारा गया तो किट्टू ने उसके गिरोह की कमान संभाल ली और मनीष सिंह सोनू के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने लगा। इसके बाद वह जेल से भी रंगदारी वसूलने और हत्या की साजिश रचने में शामिल रहता था।

इस बीच किट्टू गाजीपुर में अफीम का अवैध धंधा करने वाले एक बदमाश और पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के कई अन्य सफेदपोशों के साथ भी नजदीकी संबंध स्थापित कर लिया था। सितंबर 2018 में 50 हजार के कुख्यात इनामी बदमाश रईस बनारसी और बदमाश राकेश अग्रहरि की हत्या में किट्टू का नाम सामने आया था। इसके बाद भी चौक क्षेत्र के दालमंडी, रेशम कटरा, सुडि़या, ठठेरी बाजार और सप्तसागर मंडी के दवा व्यापारियों के साथ ही ठेकेदारों और डॉक्टरों से लगातार वह रंगदारी वसूल रहा था।
 

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वाराणसी एनकाउंटर: घटनास्थल पर पड़े कारतूस के खोखे - फोटो : अमर उजाला
11 व्यापारियों और डॉक्टरों से वसूलना था 49 लाख और एक इनोवा

किट्टू उर्फ बाबू को इन दिनों शहर के 11 व्यापारियों और डॉक्टरों से 49 लाख व एक इनोवा की वसूली करनी थी। यह खुलासा उसकी डायरी के पन्ने से हुआ है। पुलिस अब इन सभी व्यापारियों और चिकित्सकों की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करेगी।

किट्टू के पास से मुठभेड़ के बाद एक बैग बरामद हुआ। बैग से बरामद नकदी और डायरी के एक पन्ने पर छह सराफा कारोबारियों, एक साड़ी व्यापारी, एक चिकित्सक, दो व्यापारी नेता और एक वाहन शोरूम के मालिक का नाम लिखा था। किट्टू ने सभी के नाम के सामने रंगदारी की रकम भी लिख रखी थी।
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वाराणसी एनकाउंटर: घटनास्थल पर पड़ी बाइक व पुलिस टीम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस बरामद पन्ने और अन्य कागजात की जांच कर रही है। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जिन लोगों का नाम किट्टू के पास से बरामद डायरी के पेज से मिला है उनमें से किसी ने पुलिस से शिकायत नहीं की थी।

सभी से बातचीत कर उनकी सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस की तीन टीमें मुठभेड़ स्थल से भाग निकले एक लाख के इनामी बदमाश नरोत्तमपुर निवासी मनीष सिंह उर्फ सोनू की तलाश में लगाई गई है।
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