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शहीद दरोगा के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब, राज्यमंत्री ने दिया कंधा

Sat, 26 Aug 2017 12:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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last glimpse of the martyr Drooga - फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट के जंगलों में इनामी डकैत बबूली कोल के साथ मुठभेड़ में शहीद दरोगा जयप्रकाश सिंह का शव गुरुवार की देर रात जौनपुर स्थित उनके गांव बनेवरा पहुंच गया। सुबह से ही आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग शहीद के अन्तिम दर्शन के लिए जुट गए। आगे की स्लाइड में पढ़ें पूरी खबर...
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last glimpse of the martyr Drooga - फोटो : अमर उजाला
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ग्राम्य विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार महेंद्र सिंह और एडीजी कानून व्यवस्था आनन्द कुमार शहीद के गांव पहुंचे। शहीद के घर उनकी पत्नी चंदा सिंह, बच्चों एवं परिवार वालों को रोते देख मंत्री महेंद्र सिंह एवं एडीजी आनंद कुमार भी अपने आंसू रोक नहीं पाएं।
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last glimpse of the martyr Drooga - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने शहीद को पुष्प अर्पित किया और परिवार वालों को भरोसा दिलाया। परिवार वालों को रोता देख एसपी शैलेश पांडेय के आंखों से भी आंसू आ गया। किसी तरह से उन्होंने खुद को संभाला। इसके बाद सभी लोगों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। साथ ही शहीद को सलामी दी गई।

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last glimpse of the martyr Drooga - फोटो : अमर उजाला
शहीद के शव को राज्यमंत्री महेंद्र सिंह एवं एडीजी कानून व्यवस्था ने कंधा देकर अंतिम विदाई दी। उनके अलावा पिता, शहीद के दोनों पुत्रों, चाचा, भाई ने कंधा दिया। शव यात्रा में दो हजार से अधिक लोग शामिल थे। इसके बाद वाराणसी में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
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last glimpse of the martyr Drooga - फोटो : अमर उजाला
शहीद दरोगा जयप्रकाश सिंह की बहन सुधा सिंह गुजरात में रहती हैं। भाई के शहीद होने की सूचना पाकर वह भाई के अन्तिम दर्शन के लिये प्लेन से पहुंची। उनके आने में देरी की वजह से राज्यमंत्री एवं एडीजी ने घंटों इंतजार करना पड़ा। बहन के अन्तिम दर्शन के बाद ही शहीद की शव यात्रा निकाली गई।
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इस दौरान राज्यमंत्री महेंद्र सिंह ने शहीद के पिता श्याम बहारी सिंह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मोबाइल से बात कराई। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि बेटे की कुर्बानी बेकार नहीं जायेगी। उन्होंने कहा कि आपने बहादुर बेटे को जन्म दिया था, ऐसे बहादुर बेटे को मैं सलाम करता हूं।
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उधर, एडीजी कानून व्यवस्था आनन्द कुमार ने डीजीपी सुलखान सिंह से भी बात कराई। राज्यमंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर यहाँ आया हूं। शहीद के परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 25 लाख जिसमें 20 लाख शहीद की पत्नी व 5 लाख माता पिता को और प्रशासन की तरफ से भी 25 लाख की मदद दी जायेगी।
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