विवाह मुहूर्त का इंतजार कर रहे घरों में शादियों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार 31 अक्तूबर को हरिप्रबोधिनी एकादशी है लेकिन वैवाहिक मुहूर्त 19 नवंबर से शुरू हो रहे हैं। 31 अक्तूबर को भगवान विष्णु का तुलसी से विवाह होगा। इसके कुछ दिन बाद ही सहालग में शहनाइयां बजनी शुरू हो जाएंगी। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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पंचांग
- फोटो : SELF
ज्योतिष के जानकार आचार्यों का कहना है कि मुहूर्त देरी से शुरू होने की वजह गुरु व शुक्र ग्रहों का अस्त रहना है। ये दोनों ग्रह विवाह के कारक ग्रह हैं। नवंबर-दिसंबर में विवाह के कुल 15 शुभ मुहूर्त हैं। बाजार में शादियों की खरीदारी शुरू हो गई है।
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astrology
सूर्य के 17 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश के बाद 19 नवंबर से शुरू होकर 12 दिसंबर तक वैवाहिक मुहूर्त रहेगा। दो माह में कुल 15 दिन ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। पं. कैलाश नाथ उपाध्याय ने बताया इस वर्ष तीन जुलाई को विवाह का आखिरी मुहूर्त था। अब 19 नवंबर से सहालग शुरू होगा।
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फाइल फोटो
इसके बाद वर्ष 2018 में मकर संक्रांति के बाद विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे जो मार्च में होलाष्टक प्रारंभ होने तक रहेंगे। 23 नवंबर को विवाह पंचमी है। इस दिन को विवाह के लिए अति शुभ माना गया है।
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marriage
इसी तरह 25 नवंबर को त्रिपुष्कर योग रहेगा जबकि 28 और 30 नवंबर के मुहूर्त भी विशेष शुभ रहेंगे। दोनों दिन सूर्यास्त से शुरू होकर रात तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।
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shiv parvati marriage in triyugi narayan
इन दोनों तिथियों के बीच 29 नवंबर को मोक्षदा एकादशी व गीता जयंती और तीन दिसंबर को पूर्णिमा व 10 दिसंबर को रुक्मणी अष्टमी का दिन भी विवाह के लिए मंगलकारी योग में शामिल हैं।
सहालग करीब आने से दिवाली के बाद भी बाजार में रौनक बनी हुई है। ग्राहकों को तमाम ऑफर भी दिए जा रहे हैं। कई कंपनियां नई टेक्नोलॉजी के साथ आकर्षक और लुभावनी स्कीमें लेकर आई हैं। इस बार शादियों के सीजन में कारोबारी बाजार में बंपर खरीदारी की उम्मीद लगा रहे हैं।