फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PHOTOS: ज्ञानवापी में जलाभिषेक के लिए अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठे, दिन भर रही गहमागहमी

Sat, 04 Jun 2022 06:40 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रोक दिया। पूजा के लिए रोके जाने से नाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए। 
विज्ञापन
1 of 9
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रोक दिया। पूजा के लिए रोके जाने से नाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए। - फोटो : अमर उजाला
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद के आदेश पर ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रोक दिया। पूजा के लिए रोके जाने से नाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठ गए। जिला प्रशासन से उन्होंने शिवलिंग की पूजा करने की मांग की है और कहा कि जब तक शिवलिंग की पूजा नहीं करूंगा तब तक अन्न-जल ग्रहण नहीं करूंगा। सुबह से ही मामलो को लेकर गहमागहमी रही।

दोपहर सवा तीन बजे चकमा देकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मठ से श्री काशी विश्वनाथ धाम के लिए निकल पड़े। पुलिस प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो सोनारपुरा चौराहे पर पुलिस ने उनको रोककर मठ में वापस भेज दिया। केदारघाट समेत श्री विद्यामठ को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। श्रीविद्या मठ पर चल रही गतिविधियों की जानकारी पुलिस कमिश्नर लगातार एसीपी भेलूपुर और एलआईयू के अधिकारियों से लेते रहे।
विज्ञापन

2 of 9
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने मठ से बाहर निकलने से रोका - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शनिवार सुबह 8:30 बजे श्री विद्यामठ से काशी विश्वनाथ धाम के लिए निकले। पुलिस ने मठ के दरवाजे पर ही उनको रोक लिया और बाहर निकलने से मना कर दिया। इस दौरान दोनों तरफ से काफी देर तक बहस चलती रही। 
विज्ञापन

3 of 9
अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनको अकेले ही जाने दिया जाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने आराध्य की पूजा का हवाला देते रहे वहीं पुलिसकर्मी अनुमति नहीं होने का।  अंत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौके पर ही अन्न-जल त्याग करके अनशन की घोषणा कर दी। 

4 of 9
ज्ञानवापी में पूजा-अर्चना पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला
अनशन की सूचना के बाद डीसीपी काशी राजेश गौतम व एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का हवाला देकर मनाने की कोशिश की परंतु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने गुरु शंकराचार्य के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य श्रेष्ठ होते हैं। उनका आदेश हमारे लिए सर्वोपरि है।
विज्ञापन

5 of 9
ज्ञानवापी में पूजा-अर्चना पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि  प्रकट हुए शिवलिंग यदि कैद में रखे हुए हैं तो उन्हें भोग लगाना जरूरी होता है। कहा कि वे अंदर नहीं जाना चाहते। उनकी मंशा है कि बाबा विश्वेश्वर को भोग प्रशासन का प्रतिनिधि पुजारी ही लगाए। उन्हें आपत्ति नहीं होगी लेकिन पूजन व भोग लगना जरूरी है। अगर जिला प्रशासन यह कह दे कि बाबा को भोग लग गया है तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। 
विज्ञापन

6 of 9
ज्ञानवापी में पूजा-अर्चना की तैयारी करते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमको पूजा से मतलब है, पूजा के अधिकार से मतलब नहीं है। जो न्यायालय में दूसरे पक्षकार जा रहे हैं, वो पूजा का अधिकार मांग रहे है। न्यायालय में दो महीने बाद उनको अधिकार मिलेगा चलेगा, हम कोई अधिकार नहीं मांग रहे है। हम भगवान की पूजा मांग रहे है। कोई भी पूजा कर दे हमको संतोष हो जाएगा। हमारे भगवान बिना खाए पिए बैठे हैं, हमारी बस यही भावना है हमारी इस भावना को क्यों नहीं सुना जा रहा है क्यों नहीं समझा जा रहा है?
विज्ञापन

7 of 9
केदारघाट समेत श्री विद्यामठ पुलिस छावनी में तब्दील - फोटो : अमर उजाला
स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने कहा कि हम मठ से विश्वेश्वर शिवलिंग की पूजा करने के लिए निकलेंगे। पीछे नहीं जाएंगे। मौका जैसे-जैसे मिलेगा विश्वेश्वर महादेव की ओर बढेंगे। जहां तक न्यायालय की बात है वह विश्वेश्वर शिवलिंग का अस्तित्व न माने तो मैं अपना संकल्प छोड़कर वापस हो जाऊंगा। लेकिन मेरे विचार से यह मुस्लिम पक्ष के अनुसार फव्वारा नहीं है, शिवलिंग ही है।

8 of 9
केदारघाट समेत श्री विद्यामठ पुलिस छावनी में तब्दील - फोटो : अमर उजाला
केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ के चारों तरफ दस थानों की फोर्स लगा दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी की ड्यूटी लगाई गई। मठ के मुख्य प्रवेश द्वार पर 50 सिपाही और घाट किनारे पिछले दरवाजे पर सौ पुलिसकर्मी एक प्लाटून पीएसी के जवान और 12 उपनिरीक्षक और छह निरीक्षक और दो एसीपी की ड्यूटी शनिवार की सुबह पांच बजे लगा दी गई थी। मठ के पिछले दरवाजे पर जल पुलिस के 10 जवान चार मोटर बोट लेकर गंगा में तैनात रहे। 
विज्ञापन

9 of 9
केदारघाट समेत श्री विद्यामठ पुलिस छावनी में तब्दील - फोटो : अमर उजाला
शनिवार  दोपहर बाद सब इंस्पेक्टर मठ में तैनात था। स्वामी अविमुक्तश्वेरानंद ने उससे पूछा कि क्या मुझे हाउस अरेस्ट किया गया है तो जवाब मिला कि नहीं। उन्होंने दूसरा सवाल किया कि मुझे कहीं जाने पर रोक लगाई गई है क्या तो जवाब मिला कि नहीं। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मठ से बाहर निकल पड़े और मुख्य मार्ग की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस प्रशासन को जब इसकी सूचना मिली तो सोनारपुरा चौराहे पर पुलिस ने उनको रोककर मठ में वापस भेज दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें