पूरे देश में जहां रंगों का त्योहार होली 13 मार्च को मनाई जाएगी वहीं सोनभद्र के तीन आदिवासी बहुल गांवों में शुक्रवार को ही होली मना ली गई। दो दिन पहले होली मनाने के पीछे इनका डर छिपा हुआ है जो इन्हें पिछली कई पीढ़ियों से ऐसा करने के लिए मजबूर कर रहा है। आगे की स्लाइड में जाने पूरी कहानी-
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holi in sonbhadra
- फोटो : अमर उजाला
परंपरा के अनुसार सोनभद्र के म्योरपुर।इलाके के तीन आदिवासी बाहुल्य गांवों में शुक्रवार को जमकर होली खेली गई। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को खूब अबीर गुलाल लगाए। इससे पूर्व बीती रात को पारंपरिक रूप से होलिकादहन भी किया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
त्योहार मनाने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने जमकर एक दूसरे को रंग लगाए। म्योरपुर के चांगा, अलियाटोला व आजनगिरा गांव में बीती रात होलिका दहन किया गया। इसके बाद लोगों ने शुक्रवार को एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाए।
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- फोटो : अमर उजाला
बच्चों और महिलाओं ने भी खूब होली खेली। इसको लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। परंपरा के अनुसार यहां होली का त्योहार दो दिन पूर्व ही मना लिया जाता है। चांगा के ग्राम प्रधान बसंतलाल की माने तो होली खेलने पर गांव में कोई ना कोई अनिष्ट होना शुरू हो जाता है।
होली के दिन होली मनाने पर उसका गंभीर परिणाम ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। बताया होली त्यौहार को लेकर पूर्वजों से ही यह परंपरा चली आ रही है। कहा इसी परंपरा का निर्वहन ग्रामीणों द्वारा लगातार प्रति वर्ष किया जाता है।