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Varanasi News: 'सुख में प्रभु को भूल जाते हैं लोग...' श्री वल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव में बोले पं. आदित्य

Sun, 28 Apr 2024 05:25 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी

सार

Varanasi News: शोभायात्रा के दौरान भक्त प्रभु के जयकारे लगाते रहे। 
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पूजन के दौरान। - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में श्री शुद्धाद्वैत जप यज्ञ समिति के तत्वावधान में श्री वल्लभाचार्य प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर दिव्य 108 श्रीमद् भागवत सप्ताह मे बुरहानपुर से पधारे भागवत भूषण पं. आदित्य शास्त्री ने व्यास पीठ पर विराजित होकर कहा कि कुंती जी की स्तुति से यह सिखने को मिलता है कि जो अवकृपा में कृपा का दर्शन करे वही सच्चा वैष्णव है।
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भक्तों का रहा जमावड़ा। - फोटो : अमर उजाला
कुंती जी ने प्रभु से दुःख की कामना की है, क्योंकि दुःख जब आता है, वह प्रभु की याद दिलाता है।



सुख में मानव प्रभु को सहज ही भूल जाता है। कुंती जी को दुःख से प्रेम नही था, किंतु दुःख में प्रभु का नाम जिव्हा पर आता है।
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शोभायात्रा में शामिल हुए लोग। - फोटो : अमर उजाला
साथ ही रविवार को आयोजित कथा में भीष्म पितामह को प्रभु ने उनके अंत समय में दर्शन देकर उनका उद्धार किया।

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पूजन के दौरान। - फोटो : अमर उजाला
वह कथा के साथ परीक्षित राजा के जन्म तक की कथा कहकर दूसरे दिवस की कथा को विराम दिया गया।
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पूजन के दौरान। - फोटो : अमर उजाला
समिति के अध्यक्ष गो. श्री कल्याण राय महाराज ने प्रभु के दो स्वरूप रूप और नाम की व्याख्या करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत का स्वरूप पूर्ण ब्रह्म श्री कृष्ण का ही है, जितने गुण भगवान में विराजमान है, उतने ही गुण और समर्थ श्रीमद् भागवत पुराण में भी निहित हैं।
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