मोक्ष नगरी काशी के गंगा घाट पर बुधवार को गर्भ में मारी गई बेटियों की मोक्ष के लिए पिंडदान हुआ। ये श्राद्ध कर्म उन अजन्मी बेटियों के लिए किया गया जिन्हें उनके अपनों ने ही बेटे की चाह में धरा पर आने से पहले मार डाला। अजन्मी बच्चियों को मोक्ष दिलाने के लिए आगमन सामाजिक संस्था ने ये अनूठी पहल की है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 5
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
बेटी बचाओ अभियान में पूर्वांचल की अग्रणी सामाजिक संस्था आगमन ने एक बार फिर तिथि विशेष पर 5000 अजन्मी बेटियों की मोक्ष की कामना की जन्हें जन्म से पहले ही मार दिया गया। मां के पेट में मार डाली गई बेटियों के नाम बुधवार को श्राद्ध किया गया।
विज्ञापन
3 of 5
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
श्राद्ध क्रम की शुरुआत शांति वाचन से हुआ जिसके बाद अलग- अलग 5000 अनाम, ज्ञात और अज्ञात बेटियों के पिंड को स्थापित कर विधिपूर्वक आह्वान कर पूजा अर्चन कर उनके मोक्ष की कामना की गई। गंगा की मध्य धारा में पिंड विसर्जन के बाद सभी को जल अर्पित कर तृप्त होने का निवेदन किया गया।
4 of 5
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
पितृ पक्ष की नवमी तिथि मातृ शक्ति के लिए जानी जाती है। इसलिए मातृशक्ति को नमन करते हुए कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ विशेष आयोजन काशी में किया गया।
माना जाता है कि भ्रूण में प्राण वायु आने के बाद हुआ गर्भपात जीव ह्त्या है। उन्हीं अजन्मी अतृप्त आत्माओं को सदगति प्रदान करने के लिए वैदिक ब्राम्हणों के आचार्यत्व में शास्त्रीय रीतियों से बुधवार की दोपहर दशाश्वमेध घाट पर श्राद्ध कर्म आयोजित किया गया।