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Sawan 2022: काशी विश्वनाथ धाम में बना नया कीर्तिमान, इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा काम

Mon, 01 Aug 2022 01:22 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से ही वाराणसी में श्रद्धालुओं का पलट प्रवाह उमड़ रहा है। बाबा भोलेनाथ के प्रिय मास सावन में रोजाना दो लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे रहे हैं। सावन के तीसरे सोमवार पर दोपहर 12 तक करीब चार लाख भक्त हाजिरी लगा चुके हैं।

कोरोना काल और बाबा विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद सावन में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वालों का रेला उमड़ पड़ा है। 14 जुलाई से 31 जुलाई तक 45 लाख से अधिक शिवभक्त बाबा के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचे हैं। यह अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब सावन के शुरुआती 15 दिन में ही बाबा विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं का आंकड़ा 45 लाख पार कर गया है।

मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार केवल दोनों सोमवार को ही 11 लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। अनुमान है कि सावन के तीसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों का आंकड़ा शयन आरती तक सात लाख को पार कर सकता है। 
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के बाद यह पहला सावन है। दो साल कोरोना के कारण कई प्रतिबंध थे। इन दो वर्षों में दर्शन करने अधिक लोग नहीं आ पाए पर अब काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। 
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
बढ़ते सावन के साथ ही भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।  काशी विश्वनाथ धाम में दर्शनार्थियों की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद धाम के बाहर और अंदर व्यवस्था व सुरक्षा से जुड़ा तंत्र चौकस रहा। कहीं से किसी अप्रिय घटना, असुविधा या परेशानी की सूचना अब तक नहीं आई है। 

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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
सावन माह में काशी विश्वनाथ धाम आने वाले भक्त व्यवस्थाओं से बेहद प्रसन्न नजर आ रहे हैं। बिना धक्कामुक्की और अफतातफरी के बहुत आराम से उन्हें बाबा विश्वनाथ का झांकी दर्शन प्राप्त हो रहा है। चाहे भक्त हो या कांवरिए सभी इस व्यवस्था से प्रसन्न नजर आ रहे हैं। 
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों का रेला उमड़ा था। श्रद्धालुओं की भीड़ का आलम यह था कि शयन आरती तक लगभग तीन लाख शिवभक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया। सावन के तीसरे सोमवार पर रात से ही बाबा का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी।
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
सोमवार अलसुबह साढ़े तीन बजे  मंगला आरती के बाद बाबा विश्वनाथ के मंदिर के गर्भगृह के पट झांकी दर्शन के लिए खुले तो कतार में खड़े श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारे लगाने लगे। दर्शन-पूजन का सिलसिला अनवरत जारी है।  
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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
सावन में इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के जुटने के साथ ही काशी की गली-गली, कोने-कोने में हर-हर महादेव और बोल बम  के जयकारे गूंज रहे हैं। सावन के तीसरे सोमवार पर समूची काशी केसरिया रंग में रंगी नजर आ रहा है। 

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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
काशी में हर-हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी नारों के साथ नंगे पैर सड़कों पर कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र कांवरियों के कारण केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा है। गंगा द्वार से प्रवेश बंद है। 

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सावन में काशीपुराधिपति की नगरी बम-बम - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी समेत आसपास के जिलों के कांवरियों के आने का रविवार शाम से तेज हुआ क्रम सोमवार दिन चढ़ने तक बना है। खास यह कि विभिन्न मार्गों से ये सभी गाजे-बाजे और डीजे के साथ झूमते हुए विश्वनाथ धाम की ओर कदम बढ़ते जा रहे थे। 

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काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों का महाकुंभ - फोटो : अमर उजाला
सावन के तीसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम समेत शहर के सभी प्रमुख शिवालयों में पिछले सोमवार की अपेक्षा अधिक दर्शनार्थी पहुंचे। केदारेश्वर, मृत्युंजय महादेव मंदिर, सारंग नाथ, कर्मदेश्वर महादेव, कैथी मार्केंडेय महादेव और बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर समेत अन्य देवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी है।
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काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ के कारण गंगाद्वार से प्रवेश बंद होने के कारण गंगधार से बांसफाटक तक तो रात में ही लग गई थी। सुबह होते-होते इसका आकार तीन तक किलोमीटर तक फैल गया। एक सिरा मैदागिन के पार तो दूसरा लक्सा छू गया। स्थिति यह रही की दशाश्मेध घाट से मंदिर तक तिहरी कतार लगी थी। इससे घाट का रास्ता पूरी तरह जाम था। ऐसे में स्नानार्थियों को गिरजाघर चौराहे पर ही रोक दिया गया।
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