रुद्राक्ष से सजा बाबा विश्वनाथ का दरबार
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि में सावन के आठ सोमवार पर भगवान के अलग-अलग स्वरूप में दर्शन हो रहे हैं और यह पहला मौका था। 10 जुलाई को पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ की चल प्रतिमा का श्रृंगार, दूसरे सोमवार को गौरी-शंकर स्वरूप में श्रृंगार, तीसरे सोमवार को अमृत वर्षा श्रृंगार और चौथे सोमवार को बाबा का भागीरथी श्रृंगार हुआ।