उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जिला सहकारी संघ जिला के चुनाव के दौरान सपा के पूर्व मंत्री नारद राय और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और हाथापाई हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्ष के समर्थकों में जमकर मारपीट होने लगी। करीब आधे घंटे तक सहकारी संघ के भवन में अफरातफरी मची रही। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को काबू में किया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
विवाद तब शुरू हुआ जब जिला सहकारी संघ के सभापति और उपसभापति के चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री नारद राय ने मतदाताओं को कमरे में बंद कर रखने का आरोप भाजपा नेताओं पर लगाया। जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोपों को निराधार बताया। पूर्व मंत्री नारद राय आपत्ति दर्ज कराते हुए कमरे के अंदर जाने लगे।
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इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते नौबत झड़प और हाथापाई तक आ गई। इस दौरान समर्थकों में मारपीट भी हो गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाल फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस को दोनों पक्षों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। किसी तरह से मामला शांत कराया गया। इस दौरान पुलिस ने सख्ती का प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा। घटना स्थल पर एहतियात के मद्देनजर पीएसी की तैनाती की गई है।
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पूर्व मंत्री नारद राय का कहना है कि जिला सहकारी संघ के सभापति और उपसभापति के चुनाव में भाजपा नेताओं ने मतदाताओं पर दबाव बनाया था, जिसके तहत मतदाताओं को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। इसको लेकर जब उन्होंने शिकायत दर्ज करानी चाही तो भाजपा के लोगों ने हाथपाई शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय उल्टे उनके साथ धक्का मुक्की की। इसके लिए वह शांत नहीं बैठेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दुबे का कहना है कि चुनाव के दौरान किसी मतदाता को कमरे में बंद या अगवा नहीं किया गया था। सभी ने स्वेच्छा से मतदान किया। पूर्व मंत्री नारद राय अचानक वहां पहुंच गए और पार्टी के कार्यकर्ताओं से उलझ गए। विवाद करने का पूर्व मंत्री का पुराना इतिहास रहा है। उनका आरोप पूरी तरह निराधार है।