धर्म नगरी काशी में चौसट्ठी घाट स्थित चौसट्ठी माता के मंदिर में शुक्रवार को एक विदेशी जोड़े ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रशिया के रहने वाले आंद्रे व एन्ना एंड्रिस ने अग्नि को साक्षी मानकर यहां साथ फेरे लिए। इस विदेशी प्रेमी युगल ने एक दूसरे के गले में वरमाला डालकर तथा सिंदूरदान कर सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें खाईं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
आंद्रे और एन्ना एंड्रिस ने बताया कि उन दोनों को रशिया में ही प्रेम हुआ। वे हिंदू धर्म से काफी प्रभावित हैं और इसी वजह से उन्होंने अपनी शादी हिंदू रीति-रिवाज से करने की ठानी। नवविवाहित जोड़े ने बताया कि वे भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं, यही कारण है कि शादी के लिए उन्होंने काशी को चुना।
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कार्तिक पूर्णिमा के शुभ मुहूर्त पर शुक्रवार को यहां तीन ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ इनका विवाह संपन्न कराया है। विवाह के दौरान सात फेरों के वचनों का अर्थ भले ही आंद्रे व एन्ना समझ न पाए हों, पर संकेतों में इसपर सहमति जताते रहे।
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विदेशी जोड़े की शादी के मौके पर उनके परिजनों की जगह काशी में बने उनके नए मित्र शामिल हुए, स्थानीय लोगों ने ही कन्यादान की रस्म निभाई। दोनों ने ही विवाह के बाद हिंदू संस्कृति के अनुरुप विवाह के आयोजन को काफी अनोखा और दैवीय अनुभव बताया।
आंद्रे और एन्ना एंड्रिस के अनुसार वे दोनों प्रेम विवाह के अवसर तलाश रहे थे। इस शुभ काम में काशी के उनके मित्रों ने भी मदद की। काशी में इससे पहले भी कई विदेशी जोड़ो ने शादी की है।