गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के चककमौरा गांव में बुधवार को भूमि की पैमाइश के दौरान राजस्व और पुलिस टीम पर हमले के बाद एक युवक के बेसो नदी में लापता होने से बृहस्पतिवार को गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मची, जिसमें पुलिस से बचकर भाग रहे दो युवक नदी में कूद गए।
इनमें एक को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि चककमौरा निवासी रामबाबू (22) पुत्र चंद्रमा राम के नदी में कूदने के बाद से कोई पता नहीं है। बृहस्पतिवार को भी एनडीआरएफ और गोताखोर नदी में उसकी तलाश करते रहे। घटना को लेकर ग्रामीणों और भीम आर्मी व आजाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए युवक की तलाश और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
पैमाइश के दौरान बढ़ा विवाद, लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़
ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार देर शाम राजस्व टीम भूमि की पैमाइश कर रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों के आरोप के अनुसार पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद भगदड़ मच गई। पुलिस से बचने के लिए भाग रहे दो युवक संमनपुर के पास बेसो नदी में कूद गए। एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि रामबाबू नदी में डूबने के बाद लापता हो गया। रामबाबू के छोटे भाई अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान हुई भगदड़ और पुलिस की लापरवाही के कारण उसका भाई नदी में डूबा। उसने दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की।