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यूपी: पैमाइश के दौरान राजस्व टीम पर हमला, पुलिस कार्रवाई के बीच नदी में कूदा युवक लापता; गांव में तनाव

Fri, 09 Oct 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

गाजीपुर में पैमाइश के दौरान राजस्व टीम पर हमले के बाद एक युवक के नदी में लापता होने से तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के बीच युवक नदी में कूद गया। सूचना पर एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम तलाश में जुटी है। पुलिस-प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
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लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
गाजीपुर के नोनहरा थाना क्षेत्र के चककमौरा गांव में बुधवार को भूमि की पैमाइश के दौरान राजस्व और पुलिस टीम पर हमले के बाद एक युवक के बेसो नदी में लापता होने से बृहस्पतिवार को गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के लाठीचार्ज के बाद भगदड़ मची, जिसमें पुलिस से बचकर भाग रहे दो युवक नदी में कूद गए। 



इनमें एक को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि चककमौरा निवासी रामबाबू (22) पुत्र चंद्रमा राम के नदी में कूदने के बाद से कोई पता नहीं है। बृहस्पतिवार को भी एनडीआरएफ और गोताखोर नदी में उसकी तलाश करते रहे। घटना को लेकर ग्रामीणों और भीम आर्मी व आजाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए युवक की तलाश और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

पैमाइश के दौरान बढ़ा विवाद, लाठीचार्ज के बाद मची भगदड़
ग्रामीणों का कहना है कि बुधवार देर शाम राजस्व टीम भूमि की पैमाइश कर रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों के आरोप के अनुसार पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद भगदड़ मच गई। पुलिस से बचने के लिए भाग रहे दो युवक संमनपुर के पास बेसो नदी में कूद गए। एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि रामबाबू नदी में डूबने के बाद लापता हो गया। रामबाबू के छोटे भाई अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान हुई भगदड़ और पुलिस की लापरवाही के कारण उसका भाई नदी में डूबा। उसने दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की।
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रामबाबू की फाइल फोटो और तालाब के पास महिलाएं। - फोटो : संवाद
टीम पर हमला हुआ, युवक के नदी में कूदने की आशंका
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि सात अक्तूबर को तहसीलदार मोहम्मदाबाद के नेतृत्व में राजस्व टीम पुलिस बल के साथ चककमौरा गई थी। कार्रवाई के दौरान दूसरे पक्ष ने पुलिस और राजस्व टीम पर हमला कर दिया। हमले के बाद कुछ लोग मौके से भाग गए। दूसरे पक्ष के लोगों ने आशंका जताई कि भागने के दौरान एक युवक नदी में कूद गया है। 

उन्होंने बताया कि युवक की तलाश के लिए एसडीआरएफ/ एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि युवक कहीं तैरकर दूसरी ओर तो नहीं निकल गया। साथ ही हल्का लेखपाल की तहरीर पर 20 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।
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नाराज लोगों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : संवाद
पुलिस-राजस्व टीम पर हमला करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बृहस्पतिवार को घायल पुलिसकर्मियों से अस्पताल में मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने बताया कि छह अगस्त को प्रार्थिनी परमिला देवी ने भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। निर्देश पर राजस्व टीम ने मौके पर पैमाइश कर सीमा चिह्न लगाया था। डीएम के अनुसार, बाद में विपक्षी पक्ष ने सीमा चिह्न उखाड़ दिया, जिसके बाद पुलिस बल के साथ दोबारा पैमाइश के निर्देश दिए गए। 

डीएम ने बताया कि कार्रवाई के दौरान विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से पुलिस और राजस्व टीम पर हमला किया, जिसमें एक उपनिरीक्षक समेत अन्य कर्मी घायल हुए। उन्होंने कहा कि सरकारी टीम पर हमला गंभीर अपराध है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत के अनुसार गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की बात कही।

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पुलिस का वाहन रोकते नाराज परिजन और ग्रामीण। - फोटो : संवाद
नदी के दोनों किनारों पर ग्रामीणों का डेरा
बृहस्पतिवार को रामबाबू की तलाश के दौरान भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गौतम के नेतृत्व में ग्रामीण नदी के दोनों किनारों पर डटे रहे। ग्रामीणों का कहना था कि शव मिलने के बाद पुलिस उसे उनकी मौजूदगी के बिना पोस्टमार्टम के लिए ले जा सकती है। इसी आशंका में ग्रामीण नदी के दोनों ओर निगरानी करते रहे। भीम आर्मी और आजाद पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने युवक की तलाश तेज करने, शव मिलने पर ग्रामीणों की मौजूदगी में कार्रवाई करने तथा घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। भीम आर्मी जिलाध्यक्ष ने 52 लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने, युवक की तलाश तेज करने और शव मिलने पर पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
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मामले को लेकर बातचीत करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद
इलाके में तनाव, कई लोग घर छोड़कर गए
घटना के बाद चककमौरा और आसपास के गांवों में तनाव का माहौल बना रहा। ग्रामीणों का कहना था कि रात में पुलिस की दबिश के बाद कई लोग घर छोड़कर चले गए। युवक के लापता होने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बना रहा। उधर, पुलिस-राजस्व टीम पर हमले के बाद नोनहरा, कासिमाबाद, बरेसर और मोहम्मदाबाद थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात की गई है। एडीएम और ग्रामीण एसपी ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और युवक की तलाश के लिए टीम बढ़ाने का भरोसा दिया।
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तालाब में तलाश करती टीम। - फोटो : संवाद
एक साल पहले की भी चर्चा में आया था थाना
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीते वर्ष नौ सितंबर को भी नोनहरा पुलिस के लाठीचार्ज के बाद दिव्यांग सियाराम उपाध्याय की इलाज के दौरान मौत हुई थी। ग्रामीणों के बीच इस पुरानी घटना का भी जिक्र होता रहा। हालांकि, मौजूदा मामले में युवक की मौत की पुष्टि अभी नहीं हुई है। थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी ने बताया कि एनडीआरएफ और गोताखोर युवक की तलाश में लगे हैं। शव मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि उसकी नदी में डूबने से मौत हुई है या वह कहीं और गया है।
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