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भोजपुरी फिल्मों के 'शहंशाह' ने कुछ इस तरह मनाया जन्मदिन, तस्वीरें वायरल

Tue, 18 Jul 2017 02:21 PM IST
amarujala.com, written by शैलेश कुमार शुक्ल
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ravi kishan birthday - फोटो : twitter
भोजपुरी फिल्मों के 'शहंशाह' अभिनेता रवि किशन ने सोमवार को अपने जीवन के 46 बसंत पूरे कर लिए। यूपी के जौनपुर के एक गांव में पले बढ़े रवि किशन ने उतार-चढ़ाव से भरे रहे इन सालों में अपनी सादगी को कभी नहीं छोड़ा। अपने 46वें जन्मदिन पर भी उन्होंने इसी का परिचय दिया...
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ravi kishan birthday - फोटो : अमर उजाला
बचपन से ही कठिनाइयों को अवसर में बदलने वाले मेगास्टार रवि किशन ने अपने जन्मदिन पर भी कुछ ऐसा संदेश दिया। रविकिशन ने अपना जन्मदिन ऐसे बच्चों के साथ मनाया जो अपनी जिंदगी के लिए जद्दोजहज कर रहे हैं।
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ravi kishan birthday - फोटो : अमर उजाला
अब तक कई भाषाओं में सैकडों फिल्में कर चुके रवि किशन ने मुंबई के दादर स्थित कमला मेहता ब्लाइंड स्कूल में दिव्यांग बच्चों के साथ जन्मदिन सेलिब्रेट किया। रवि किशन ने इन दिव्यांग बच्चों को खाना परोसा और उनका जूठन भी साफ किया।

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ravi kishan birthday - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन से मिले इस प्यार से बच्चे अभिभूत नजर आए। उन्होंने रवि को जन्मदिन की बधाई दी। इस बीच रवि किशन के जन्मदिन पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। फिल्मी दुनिया से लेकर राजनीति तक, हर तरफ से रवि किशन को बधाई मिल रही है।
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ravi kishan birthday - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि रविकिशन का जन्म 17 जुलाई 1971 को मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक छोटी सी चाल में हुआ था लेकिन वे मूल रुप से जौनपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला का मुंबई में पुरोहित हैं और उनका डेयरी का छोटा सा बिजनेस ‌था।
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ravi kishan manoj tiwari - फोटो : अमर उजाला
रविकिशन जब10 साल के थे तब उनके पिता का उनके चाचा के साथ विवाद हो गया और धंधा बंदकर दोनों को जौनपुर लौटना पड़ा। रविकिशन यहां करीब सात साल तक रहे लेकिन पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता था। उन्हें मुंबई की याद आती थी। रविकिशन के परिवार को बेहद गरीबी में दिन गुजारने पड़ रहे थे। वे मिट्टी के बने घर में रहते थे।
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ravi kishan - फोटो : social media
एक समय ऐसा आया जब रविकिशन या तो मरने या गुंडा बनने की सोचने लगे थे। तभी उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन का डायलॉग सुना...मैं फेंके हुए पैसे नहीं लेता। इस डायलॉग ने उनका जीवन बदल दिया। पिता जी उन्हें जबरन डेयरी बिजनेस कराना चाहते थे लेकिन उनकी मां ने 500 रुपये दिए और रविकिशन जौनपुर से मुंबई चले गए।
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ravi kishan - फोटो : अमर उजाला
रवि किशन ने एक इंटरव्यू में बताया कि भोजपुरी फिल्मों जाने की सलाह भी उनकी मां ने ही दिया था। रवि किशन जब मुंबई आए तो उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वे बस का टिकट खरीद सकें। वह अक्सर पैसे बचाने के लिए पैदल ही सफर करते थे। ज्यादातर समय वह वड़ापाव खाकर दिन गुजारते थे। करीब एक साल तक संघर्ष करने के बाद उन्हें फिल्म पीताबंर में काम करने का मौका मिला।
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