रंगभरी एकादशी (फाइल)
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बाबा विश्वनाथ की नगरी में रंगभरी एकादशी का पर्व देखने के लिए देश भर से लोग आते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। विवाह के बाद शिव और पार्वती पहली बार काशी नगरी आए थे, उस दिन रंगभरी एकादशी थी। शिव जी के विवाह के बाद काशी आने पर खुशी मनाने की परंपरा आज भी काशी निवासी मनाते है।