रंगभरी एकादशी (फाइल)
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गौरा का गौना कराने जब काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ की रजत सिंहासन वाली डोली निकलती है तो आस्था का ओर-छोर नहीं रहता है। त्रिपुरारी की पालकी को स्पर्श करने की चाहत हर जन के मन में होती है। हर कोई बस काशीपुराधिपति के सिंहासन के स्पर्श से खुद को त्रिदोष मुक्त करने की कामना करता है।