राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र को राखी बांधती महिला।
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भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहा। इससे लोगों ने सुबह से ही राखी बांधने और पूजा-अनुष्ठान शुरू कर दिए। घरों के साथ मंदिरों में भी पर्व की विशेष रौनक रही। भक्तों ने अपने आराध्य को राखी बांधी और कथा, रुद्राभिषेक समेत अन्य अनुष्ठान किए। राधा-कृष्ण मंदिरों में रक्षाबंधन के साथ बलराम जयंती भी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण के साथ बलराम की पूजा की।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर सतभिषा नक्षत्र के साथ अति गंड, शोभन, श्रीवत्स, सौम्य और विजय योग का संयोग रहा। ग्रहों की स्थिति के चलते चंद्राधि, बुधादित्य, राजयोग, धन, उभयचरी, संकट और सुनफा योग भी बने। चंद्रमा कुंभ राशि में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह और गुरु उच्च राशि कर्क में स्थित रहे।