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PHOTOS : चित्रों में देखें साधु-संन्यासियों की शोभायात्रा..., भगवामय हुई काशी की सड़कें; पुष्प वर्षा से स्वागत

Sun, 09 Feb 2025 04:22 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी में रविवार को महाकुंभ जैसा नजारा रहा। जूना अखाड़ा के साधु विभिन्न मार्गों से होते हुए साधु-संन्यासी अपने मठों में पहुंचे। सड़कों पर उनके स्वागत के लिए पुष्प वर्षा की गई।
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काशी में पहुंचते ही बाबा ने हर-हर महादेव का किया उद्घोष। - फोटो : अमर उजाला
महाकुंभ में स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला थम नहीं रहा है। उधर, अखाड़ों के नागा संन्यासी और संत काशी आने लगे हैं। पंचदशनाम अखाड़े के नागा साधुओं का काशी में आगमन हुआ। कबीरचौरा अखाड़े में उनका भव्य स्वागत कर वैदिक विधि से पूजन अर्चन किया गया।

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शोभायात्रा से पूर्व एक जुट हुए साधु-संन्यासी। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने अपने आराध्यदेव की पूजा की। अभी तक तीन अखाड़ों के 550 से अधिक नागा साधु काशी पहुंच चुके हैं। वे अखाड़ों और मठों के साथ दशाश्वमेध, शिवाला, हनुमानघाट, केदारघाट, चौकी घाट आदि घाटों को भी अपनी धूनी स्थली बनाए हुए हैं।
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शोभायात्रा में शामिल होने जाते बाबा। - फोटो : अमर उजाला
नागा संन्यासी और संत महाकुंभ में तीन अमृत स्नान के बाद वे अपने अखाड़ों में लौटने लगे हैं। हर अखाड़ों के छोटे-छोटे जत्थे वहां से निकल रहे हैं। शैव अखाड़ों के नागा संन्यासी काशी आते हैं। जबकि वैष्णव के अपने अखाड़ों में जाते हैं। हालांकि, इनके साधु-संत अपने माघी पूर्णिमा स्नान के बाद अपने अखाड़े जाएंगे।

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शोभायात्रा निकालते हुए। - फोटो : अमर उजाला
पंचदशनाम निरंजनी, अटल अखाड़े और महानिर्वाणी अखाड़े के 550 से अधिक नागा साधु काशी आए हैं। शनिवार को भी सुबह आह्वान अखाड़े के 50 से अधिक नागा साधु काशी पहुंचे।
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कार में ही बैठकर हर-हर महादेव का किया उद्घोष। - फोटो : अमर उजाला
अखाड़े के शंभू पंच के श्रीमहंत सभापति प्रयाग भारती ने बताया कि कबीरचौरा के औगढ़नाथ तकिया स्थित शंभू पंचदशनाम आह्वान अखाड़े में भोर में संगत पहुंची है। कुछ नागा साधु पांच फरवरी के बाद से ही आने लगे हैं। शनिवार को संगत के साथ लाव-लश्कर भी पहुंचा है।
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रथयात्रा चाैराहे से जाता साधुओं का जत्था। - फोटो : अमर उजाला
वे अपने आराध्य श्रीगणेश और निशान भाला भी लाए हैं। इनकी पूजा भी शुरू हो गई है। भंडारे में संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। अखाड़े के नागा साधु दशाश्वमेध घाट पर धूनी लगा रहे हैं। वे भक्तों को आशीर्वाद देते हैं।
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मंडुवाडीह में साधुओं का स्वागत करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
नागा साधुओं के दर्शन-पूजन के लिए दक्षिण और आसपास के भक्त भी आने लगे हैं। घाटों पर सैर-सपाटा करने वाले पर्यटक भी इनका आशीर्वाद ले रहे हैं। शरीर में भभूत लगाकर साधना में लीन नागा साधुओं से विदेशी पर्यटक भी काफी आकर्षित होते हैं। इनके साथ शिविर में समय भी व्यतीत करते हैं।

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मंडुवाडीह में सजाई गई सड़कें। - फोटो : अमर उजाला
आदि शंकराचार्य द्वारा धर्म रक्षा के लिए चार पीठों की स्थापना की थी। वे चारों स्थान ज्योतिष्पीठ बद्रिकाश्रम (विद्यामठ), श्रृंगेरी पीठ (महमूरगंज), द्वारिका शारदा पीठ (हरिश्चंद्र) और पुरी गोवर्धन पीठ (अस्सी) हैं। 13 अखाड़ों में नागा साधुओं के सबसे बड़े अखाड़ों में शामिल श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा सहित चार प्रमुख शैव संन्यासी अखाड़ों का मुख्यालय धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में ही है।

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बटुकों ने किया गुरुजनों का स्वागत। - फोटो : अमर उजाला
इनमें हनुमान घाट पर श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा, दशाश्वमेध घाट पर श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, हनुमान चाैक कपिलधारा में श्री पंच अटल अखाड़ा, शिवाला घाट पर महानिरंजनी अखाड़ा के मुख्यालय हैं।
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साधु-संन्यासियों का स्वागत करने के लिए जुटा संत समाज। - फोटो : अमर उजाला
इनके अतिरिक्त राजघाट पर श्रीअग्नि अखाड़ा, कपिलधारा पर आनंद अखाड़ा, पद्मश्री सिनेमा के पास कुरुक्षेत्र पोखरा पर वैष्णव संप्रदाय के बड़ा उदासीन अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा निर्मोही अखाड़ा, अनी अखाड़ा आदि सभी 13 अखाड़ों की शाखाएं हैं।

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