प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार दोपहर बाद वाराणसी पहुंचे। काशी के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास किया। दो मंदिरों में जाकर दर्शन-पूजन किया। एक जनसभा को भी संबोधित करते हुए उन्होंने पूर्व की सरकारों पर तंज कसे। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें..
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- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि पूर्वांचल और पूर्वी भारत देश की अर्थव्यवस्था में पश्चिम भारत जैसी ताकत बने। हम इस दिशा में काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा-गरीबों का सपना हमारी सरकार का भी सपना है, इसलिए हम उनका सशक्तिकरण करने और उन्हें सामर्थ्यवान बनाने में लगे हैं।
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अपने संसदीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन उन्होंने एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ ही पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा। कहा कि पहले की सरकारों को विकास से नफरत थी। उन्हें चुनाव के लिए अपनी तिजोरी भरने की फिक्र थी।
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काशी में ऐसी सामर्थ्य है, जिससे भविष्य के दरवाजे खुल सकते हैं। शुक्रवार शाम बड़ा लालपुर स्टेडियम में आयोजित सभा में पीएम मोदी ने केंद्र और राज्य सरकार की 30 परियोजनाओं में से 17 का लोकार्पण और बाकी का शिलान्यास करने के बाद कहा कि हम साहसपूर्ण कदम उठा रहे हैं और दुनिया हमारे इन कदमों का परिणाम देख रही है। हमारी ताकत को स्वीकार कर रही है।
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बनारस के बुनकरों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें अपने पूर्वजों से हुनर हासिल हुआ है। दुनिया के लोगों को अचंभित करने वाली चीजें निर्माण करने का आपमें सामर्थ्य है लेकिन जंगल में मोर नाचा किसने देखा। छोटे-छोटे बुनकरों-शिल्पकारों को जो अपनी कला के द्वारा जो तरह-तरह की चीजों का निर्माण करते हैं, अगर इन्हें वैश्विक बाजार नहीं मिलता तो उनका आर्थिक विकास अटक जाता।
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पीएम ने कहा कि अब भी इनका कला की कद्र नहीं होती तो काशी क्षेत्र के शिल्पकारों-बुनकरों को विश्व के सामने अपनी सामर्थ्य का परिचय कराने का अवसर कभी नहीं मिलता। प्रधानमंत्री ने बताया कि जब मैं नया-नया सांसद बनकर यहां आया था तब इन बुनकर भाइयों की बात सुनकर पता चला था कि उनके बच्चे अब इस काम से जुड़ना नहीं चाहते।
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वे पढ़-लिख कर कहीं बाहर जाना चाहते हैं। तभी मुझे लगा कि इतना बड़ा सामर्थ्यवान आर्थिक गतिविधि का हथियार अगर हमारे इन परिवारों से छूट जाएगा तो आने वाला इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा। इनके पास एक ऐसी अमानत है जिससे ये दुनिया को चमत्कृत कर सकते हैं। जैसे-जैसे युग आगे बढ़ रहा है, दुनिया भी भारत की इन विशेषताओं के प्रति आकर्षित हो रही है।
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इसीलिए 300 करोड़ की लागत से बनी ये इमारत (पं. दीनदयाल हस्तकला संकुल) सिर्फ इमारत नहीं है, ये भारत के सामर्थ्य का परिचय कराने वाली, ये हमारे काशी क्षेत्र के शिल्पकार-बुनकरों के सामर्थ्य की एक ऐसी कथा को संजोए हुए है जो भविष्य के नए दरवाजे खोलने की ताकत रखते हैं।
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हम चाहते हैं कि गरीब से गरीब आदमी का विकास हो और इसके लिए प्रयासरत हैं। बड़ा लालपुर में 300 करोड़ रुपये से बने पं. दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल को बनारस की हस्तकला को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने और बुनकरों और हस्तशिल्पियों की बेहतरी के लिए उन्होंने स्वर्णिम अवसर बताया।
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उन्होंने कहा- आज आज इस जरूरत को पूरा कर लिया गया है। संकुल के जरिए दुनिया काशी के हस्त शिल्प और सामर्थ्य से ही परिचित नहीं होगी, इससे आर्थिक सशक्तिकरण भी होगा। बाद में डीरेका अतिथि गृह में पीएम मोदी ने कार्यकर्ता संवाद में निकाय चुनाव के लिए सूत्र दिए।
मानस मंदिर भगवान राम के दर्शन के बाद उन्होंने रामायण पर आधारित डाक टिकट जारी किया। इसके बाद शक्ति पीठ दुर्गा माता के दरबार में हाजिरी लगाई। यहां एक हजार फूलों की माला अर्पित करने के बाद मां की आरती उतारी। फिर उन्होंने हृदय योजना से संवारे गए पौराणिक दुर्गा कुंड का अवलोकन किया।