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आईपीएल की तरह विश्व फलक पर छाएगा संस्कृत क्रिकेट मैच, पीएमओ ने मांगी जानकारी, देखें तस्वीरें

Thu, 25 Feb 2021 12:21 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
सर्व विद्या की राजधानी काशी ज्ञान, कला, परंपरा और संस्कृति के साथ ही खेलों के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है। आईपीएल के शोर के बीच संस्कृत विश्वविद्यालय के मैदान पर पिछले दस साल से खेला जा रहा संस्कृत क्रिकेट मैच भी अब पीएमओ की नजर में आया है। पीएमओ ने बटुकों के क्रिकेट मैच के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।

जल्द ही विश्व फलक पर काशी का यह अनोखा संस्कृत क्रिकेट नए कलेवर में नजर आएगा। संस्कृत में फलकम, कंदुकम और त्रिदंडम की यह नई कमेंट्री दुनिया को सुनने को मिलेगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से संबद्ध शास्त्रार्थ महाविद्यालय की ओर से प्रतियोगिता का आयोजन पिछले दस सालों से किया जा रहा है।

भारतीय संस्कृति और देवभाषा से जुड़ने के कारण हर साल होने वाला यह आयोजन काशी ही नहीं देश भर के संस्कृत, संस्कृति और क्रिकेट प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। केंद्र की मोदी सरकार संस्कृत और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई स्तर पर प्रयास कर रही है। बटुकों के क्रिकेट के बारे में पीएमओ कार्यालय की रुचि भी उसी प्रयास का एक हिस्सा बताया जा रहा है। संस्कृत क्रिकेट काशी की एक नई पहचान बनकर उभरेगा।
 
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने बताया कि भारतीय परंपरा में कंदुक क्रीड़ा तो द्वापर काल से प्रसिद्ध है। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कंदुक क्रीड़ा के माध्यम से कालिया नाग का मान मर्दन किया था। विश्वविद्यालय के प्रांगण में होने वाले इस आयोजन के जरिए हम भारतीय संस्कृति का विश्व स्तर पर प्रचार कर रहे हैं।

इस आयोजन को और भव्यता देने का प्रयास किया जा रहा है। पीएमओ ने इसको संज्ञान में लिया है तो इससे छात्रों का ही भला होगा। कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए हम लोगों ने इस साल संस्कृत क्रिकेट का आयोजन कराया था, अगले साल इस आयोजन को और भव्य स्वरूप दिया जाएगा।

क्रिकेट की शब्दावली को बदल डाला देवभाषा में
शास्त्रार्थ महाविद्यालय के प्राचार्य व संस्कृत क्रिकेट के संयोजक डॉ. गणेश दत्त शास्त्री ने बताया कि 10 साल पहले महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के पीछे उद्देश्य मैत्री मैच खेलना था।
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
फिर सोचा गया कि क्यों न इसे देवभाषा संस्कृत के प्रति आकर्षण का माध्यम बना दिया जाए। बस इसी विचार से चार साल पहले नया खाका खींचा गया। दो आचार्यों ने खेल की अंग्रेजी शब्दावली को संस्कृत में पिरोने का काम किया। मैच में पिछले चार सालों से कमेंट्री पूरी तरह संस्कृत में होती है।

धोती-कुर्ता और त्रिपुंड लगाकर खेलते हैं खिलाड़ी
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल के मैदान पर संस्कृत क्रिकेट के दौरान सभी खिलाड़ी पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता और माथे पर त्रिपुंड लगाकर मैदान पर उतरते हैं। मैच की कमेंट्री भी संस्कृत में होती है तो अंपायर भी पारंपरिक परिधान में रुद्राक्ष की माला पहने अपना निर्णय देते हैं।
 

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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
क्रिकेट की शब्दावली
अंपायरनिर्णायक:
कैच-गृहीतम/ ग्रहणम
लेग अंपायर- द्वितीय निर्णायक:
आउट- बहिर्भूतरू/बहिर्गमनम
थर्ड अंपायर- तृतीय निर्यायक:    
बोल्ड- दंड पतनात बहिर्भूत:
टीम-दलम
रन आउट- धावने बहिर्भूत:
कप्तान- दल नायक:    
खिलाड़ी-क्रीड़क:    
खेल का मैदान- क्रीड़ा क्षेत्रम
टास-मुद्रा क्षेपणम
स्टम्प- त्रिदण्ड:    
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय मैदान में क्रिकेट - फोटो : अमर उजाला
स्कोर: धावनांक परिणाम:/गणना
बल्लेबाज-फलक धारक:    
अपील-अनुरोध:
कमेंट्री-क्रीड़ा वृतम
बल्ला-फलकम
गेंद-कंदुक×
गेंदबाज- कंदुक प्रक्षेपक:
रन- धावनांक:    
कैप्टन- दलनायक:
चौका- चतुर धावनांका:    
मैन आफ  दी मैच-क्रीड़ा वरेण्य:
छक्का-षड धावनांका:    
मैच- दंड कंदुक प्रतियोगिता
स्टेडियम- दर्शक दीर्घा:
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