कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष में पीएम मोदी
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रुद्राभ कंवेंशन सेंटर में पीएम मोदी ने संबोधन में कहा कि कोरोना काल में जब दुनिया ठहर गई थी, तब काशी अनुशासित हुई थी लेकिन विकास की धारा यहां पर अविरल बहती रहती थी। काशी के विकास के आयाम इंटरनेशनल सेंटर रुद्राक्ष आज इसी रचनात्मकता और गतिशीलता का परिणाम है। काशी के हर जन को बधाई देता हूं। भारत के परम मित्र जापान और पीएम के साथ जापान के राजदूत को भी धन्यवाद देता हूं।
पीएम ने कहा कि भारत और जापान की दोस्ती का प्रतीक रुद्राक्ष वैश्विक कला संस्कृति का केंद्र बनेगा। काशी में अध्यात्म, कला, संस्कृति और संगीत की बुनियाद पर निर्मित रुद्राक्ष भारत और जापान की दोस्ती को नया आयाम देगा। उक्त बातें 186 करोड़ रुपये से तैयार रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर का फीता काटकर लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं। कहा कि भारत और जापान की सोच है कि हमारा विकास हमारे उल्लास के साथ जुड़ा होना चाहिए। ये विकास सर्वमुखी, सबके लिए और सबको जोड़ने वाला होना चाहिए। भारत के प्रति जापान के अपनेपन के लिए हर एक देशवासी उनका आभारी है। हमारी दोस्ती को इस पूरे क्षेत्र में नेचुरल पार्टनरशिप में से एक माना जाता है। जापानी प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने भी संकेत दिए हैं कि भारत और जापान मिलकर कला-संस्कृति की नई बुनियाद रखेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान के पीएम का संदेश देखा। उनकी वजह से यह उपहार मिला है। जापान के प्रधानमंत्री उस समय चीफ सेक्रेटरी थे और तबसे इसमें व्यक्तिगत तौर पर शामिल रहे। पीएम मोदी ने कहा, इस आयोजन में एक और व्यक्ति जिनको भूल नहीं सकता, वो हैं शिंजो आबे जी। मुझे याद है जब वह प्रधानमंत्री के तौर पर काशी आए थे तो रुद्राक्ष के आइडिया पर लंबी चर्चा की थी। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया और जापान के कल्चर पर परफेक्शन और प्लानिंग के साथ काम किया और आज भव्य इमारत काशी की शोभा बढ़ा रही है।