वाराणसी में गंगा के बढ़ाव के बाद वरुणा नदी ने भी तटवर्ती इलाके में रहने वाले लोगों को डराना शुरू कर दिया है। वरुणा के पलट प्रवाह के कारण नक्खीघाट के मिल्लत नगर, अंसार नगर, तालीम नगर में रहने वाले लोग पलायन कर गए हैं।
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हालांकि वरुणा के जलस्तर में थोड़ी गिरावट के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। जिला प्रशासन की ओर से अबतक बाढ़ चौकी नहीं बनाई गई है। शनिवार को सुबह मकान खाली करके जा रहे इलियास, शेखू, कल्लू इकबाल, फ रीद, बिलाल छोटक और गुड्डू ने बताया कि 2019 में आई बाढ़ के दौरान भी उन्हें अपना घर खाली कर के बाढ़ राहत शिविर और अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी थी।
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कोनिया इलाके में वरुणा तट की बस्ती में दो दर्जन से अधिक मकान चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। शुक्रवार की देर रात नक्खीघाट के मोहम्मद हारुन, इलियास, राखी बेगम, जहीरुद्दीन, पंचम पटेल, मोहन माली, जोखन पटेल, गणेश लोहार के मकान पानी से घिर गए थे।
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अकरम व शाहिन ने बताया कि शुक्रवार की शाम तक उनके घर के पास पानी नहीं था लेकिन शनिवार की सुबह उन्होंने देखा की उनका घर चारों तरफ पानी से घिर चुका है। उनके घर के बाहर घुटने तक पानी आ गया है।
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गंगा में घटाव
शनिवार की सुबह से गंगा के जलस्तर में घटाव जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 68.63 मीटर था। दोपहर के बाद से जलस्तर में गिरावट शुरू हो गई थी। रात एक बजे 68. 69 पर स्थिर हो गई। रात एक से दो बजे तक गंगा स्थिर रही।
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अस्सी घाट पर घटने लगा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला
रात दो बजे के बाद एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से घटाव शुरू हुआ। सुबह सात बजे तक यही रफ्तार रही। सुबह आठ बजे से गंगा हर घंटे दो सेंटीमीटर की रफ्तार से कम हो रही है। रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 68.39 मीटर पहुंच गया था।
नहीं मिल रहा कमरा
रमेश पटेल ने बताया कि उन्होंने कई जगह कमरा लेने का प्रयास किया, लेकिन इस बार मकान मालिक कमरा देने से मना कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोग किराए पर कमरा देने में आनाकानी कर रहे हैं।