वाराणसी में एक बार फिर अपराधी बेलगाम हो चुके हैं जिन्हें रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। क्या दिन क्या रात बेखौफ बदमाश वारदात को अंजाम देकर आराम से फरार हो जा रहे हैं। सितंबर के आखिरी हफ्ते से अक्तूबर माह के अंतिम दिन तक कई खौफनाक वारदातों को अंजाम दिया। वाराणसी का क्राइम ग्राफ अगर आप पढ़ेंगे तो हैरान रह जाएंगे। बता दें कि जेएचवी मॉल में बुधवार की दोपहर फायरिंग कर दो लोगों की हत्या ने पुलिस को तगड़ी चुनौती दी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें.....
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- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिले भर में अपराधी बेलगाम हो गए हैं और उनके सामने पुलिस नाकाम नजर आ रही है। सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते से अब तक हुई हत्या, हत्या का प्रयास और रंगदारी की ताबड़तोड़ वारदातों ने पुलिस के इकबाल को चुनौती देने के साथ ही कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इनमें से कई वारदातें ऐसी हैं जिनका खुलासा तो दूर पुलिस अभी तक बदमाशों को भी चिह्नित भी नहीं कर सकी है।
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जेएचवी मॉल में बुधवार की दोपहर दो लोगों की हत्या ने पुलिस को तगड़ी चुनौती दी है। इससे पहले 29 सिंतबर की रात बदमाशों ने रोहनिया थाना के कचनार स्थित स्कूल में सोये दिव्यांग चौकीदार सुभाष पटेल की हत्या कर दी। पुलिस अभी तक इस वारदात की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है। छह अक्तूबर को चोलापुर के कटारी गांव में बुजुर्ग शंकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई। 21 अक्तूबर की रात शिवपुर के सुतबलपुर में दीपक पटेल को गोली मार कर हत्या का प्रयास किया गया।
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24 अक्तूबर की रात खोजवां निवासी राजू शर्मा पर फायरिंग कर उसकी हत्या का प्रयास किया गया। 25 अक्तूबर की रात जगतगंज में दुकानदार सतीश राय की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस बीच भेलूपुर निवासी अधिवक्ता से 20 लाख की रंगदारी मांगा जाना, मिर्जामुराद में ट्रक चालक व दुकानदार से लूट, चेन स्नेचिंग और चोरी की घटनाएं सामान्य बात रहीं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते रविवार को सर्किट हाउस में कहा था कि गुंडई न होने पाए। सीएम की शहर से रवानगी के 48 घंटे बाद ही काशी विद्यापीठ के छात्र आलोक उपाध्याय और उसके दो दोस्तों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी और दो लोगों को घायल कर दिया।
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बदमाश के पास से बरामद असलहा
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इससे पहले इसी साल जून महीने में बीएचयू और अन्य कॉलेजों के छात्रों के गुट ने अस्सी-रवींद्रपुरी मार्ग पर हमला कर जल निगम के अवर अभियंता सुशील कुमार गुप्ता की हत्या कर दी थी। साथ ही, ठेकेदार कमलेश कुमार सिंह और भूपेंद्र सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। प्रकरण को लेकर 15 आरोपियों के खिलाफ लंका थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील और जिले के आला अफसरों के रिहायशी क्षेत्र में बने जेएचवी मॉल में विदेशी सैलानियों के सामने दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। माना जा रहा है कि यदि माहौल ऐसा ही रहा तो प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन एक बड़ी चुनौती होगा। साथ ही, त्योहार के सीजन में हुई इस वारदात के बाद मॉल सहित भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासन को नये सिरे से कार्ययोजना बनानी होगी।