वाराणसी जिला जेल के गेट के समीप शुक्रवार की रात नेपाली श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार बस बाइक सवार दो लोगों को बचाने के चक्कर में डिवाइडर पर चढ़ कर पलट गई। बस के पलटते ही उसमें मौजूद श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। बस की चपेट में आकर बगल में चल रहे बाइक सवार दो लोग भी दब गए। पुलिस और 11 एनडीआरएफ के जवानों की मदद से बस की खिड़कियों से श्रद्धालुओं को निकालकर दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : अमर उजाला
घायलों में पांच को गंभीर चोट आई है, जबकि 35 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक पुलिस लाइन चौराहा से चौकाघाट के बीच आवागमन ठप रहा।
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नेपाल के सुनसरी जिले से 46 श्रद्धालुओं का दल 12 अगस्त को भारत भ्रमण पर निकला है। शुक्रवार की भोर यह दल प्राइवेट बस से गया से वाराणसी के लिए रवाना हुआ। सभी काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करते और शनिवार को इलाहाबाद रवाना हो जाते। रात 10:15 बजे के लगभग बस पुलिस लाइन चौराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट की ओर जा रही थी।
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इसी दौरान जिला जेल के गेट के समीप बस के सामने बाइक सवार दो लोग अचानक आ गए। बाइक सवारों कोे बचाने के चक्कर में चालक ने बस को दाएं किया तो वो सड़क के बीचोंबीच डिवाइडर पर चढ़ गई और घिसटाते हुए पलट गई। हादसे के बाद बस छोड़ कर चालक भाग निकला। इलाकाई लोगों की सूचना पर कैंट, चेतगंज और सिगरा थाने की फोर्स के साथ ही 11 एनडीआरएफ के जवान दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। बस के पीछे और खिड़कियों का शीशा तोड़ कर घायलों को बाहर निकाला गया।
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हादसे में बाइक सवार खजुरी निवासी शहनवाज (35) व रशीद (36), नेपाल के देवनारायण (55), वारिस (50) और मीना (44) की हालत गंभीर होने पर तीनों को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया जबकि अन्य 37 लोगों का उपचार दीनदयाल अस्पताल में किया गया।
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इस बीच पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को किनारे कराया। हादसे की सूचना पाकर डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। साथ ही, उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरते जाने की बात कही।
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बनारस में फातमान रोड और मकबूल आलम रोड के डिवाइडर दुर्घटनाओं के लिए कुख्यात हो गए हैं। दरअसल, इन दोनों जगह डिवाइडर के बीच कट हैं और यहां रेडियम की पट्टी व संकेतक वगैरह भी नहीं लगाया गया है। इसके चलते अंधेरे में डिवाइडर का पता नहीं चल पाता है। फातमान रोड पर प्रत्येक हफ्ते डिवाइडर से टकरा कर चार पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।
वहीं, मकबूल आलम रोड पर जिला जेल गेट के समीप ही कुछ महीने पहले एक कार पलट जाने से अधिवक्ता की मौत हो गई थी जबकि हल्की दुर्घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। दुर्घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और वीडीए का ध्यान इस ओर कई बार आकृष्ट कराया गया लेकिन कोई गंभीरता से ध्यान ही नहीं देता।