इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, राज्य ललित कला अकादमी और बीएचयू दृश्य कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में काशी राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें अलग अलग राज्यों के कलाकारों की करीब 110 बेजोड़ कृतियों को जगह दी गई। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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मंगलवार को बीएचयू में काशी राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें अलग अलग राज्यों के कलाकारों की करीब 110 बेजोड़ कृतियों को जगह दी गई। इसमें वाराणसी के कलाकार राजेश कुमार की कांस्य से बनीं कृति ने कलाप्रेमियों को एक अलग ही आकर्षण में बांधे रखा।
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बीएचयू दृश्य कला संकाय के महामना और अहिवासी कला दीर्घा में सजीं एक से बढ़कर एक कलाकृतियां कलाप्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बनीं रहीं। प्रोफेशनल और छात्र, इन दो वर्गों में कलाकारों की कृतियों को इस प्रदर्शनी में शामिल किया गया था। इनमें 11 सर्वश्रेष्ठ कृतियां पुरस्कार के लिए चुनी गईं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, राज्य ललित कला अकादमी और बीएचयू दृश्य कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन बीएचयू भारत कला भवन के निदेशक प्रो. अजय कुमार सिंह ने किया।
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इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, राज्य ललित कला अकादमी और बीएचयू दृश्य कला संकाय के संयुक्त तत्वावधान में काशी राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें अलग अलग राज्यों के कलाकारों की करीब 110 बेजोड़ कृतियों को जगह दी गई।
इसमें वाराणसी के राजेश कुमार समेत दिल्ली की मेघा विज, मुंबई के परमेश पॉल, कोलकाता के डेविड मालाकर, कुशीनगर के कन्हैया लाल शर्मा, मऊ के सचिन गोंड, सीतापुर के सचिव गौतम, नेपाल की तारा तमंग, गाजीपुर की मीरा वर्मा व सतेंद्र कुमार की सर्वश्रेष्ठ कृतियां पुरस्कार के लिए चुनी गईं।