प्रभु श्रीराम समेत चारों भाइयों के मिलन का अद्भुत क्षण, मानों समय थम गया हो। लोगों की निगाहें बीच मंच पर ही टिक गई हों। 14 वर्ष बाद चारों भाइयों को गले मिलते देख लाखों लीलाप्रेमियों के नयन सजल हो गए। मौका था लक्खा मेले में शुमार विश्व प्रसिद्ध नाटी इमली के भरत मिलाप का। श्रीचित्रकूट रामलीला कमेटी काशी द्वारा आयोजित भरत मिलाप की अद्भुत झांकी देखने के लिए नाटी इमली का भरत मिलाप मैदान, आसपास के घर पूरी तरह दर्शनार्थियों से पटे रहे। नाटी इमली का मैदान भगवान राम और भरत के मिलाप के 479 साल की लीला का साक्षी बना।
गोधूली बेला में मर्यादा और त्याग का महामिलन देखकर नर-नारायण के नयन छलक उठे। क्षण भर की लीला में चारों भाइयों के मिलन का साक्षी बनने को जन-जन आतुर था। गुरुवार शाम भक्ति का भाव ऐसा छाया कि काशी में अयोध्या ही उतर आई। हर तरफ स्वत: प्रणाम मुद्रा में जुड़े श्रद्धालुओं के हाथ अपरंपार आस्था की कहानी खुद-ब-खुद बयां कह रहे थे।