गंगा में डुबकी लगाते श्रद्धालु।
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महाशिवरात्रि पर भक्तों को बाबा के स्पर्श दर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, केवल झांकी दर्शन ही मिल रहा है। गर्भगृह में भी प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चार प्रवेश द्वार निर्धारित किए गए हैं। मैदागिन से आने वाले भक्त छताद्वार के 20 मीटर पहले से मंदिर चौक से मंदिर के पूर्वी गेट से दर्शन कर रहे हैं और उनकी वापसी मणिकर्णिका गली द्वार से हो रही है। वहीं गोदौलिया से आने वाले भक्त बांसफाटक, ढुंढिराज गणेश होते हुए पश्चिमी गेट से प्रवेश कर दर्शन कर कर रहे हैं। वीआईपी, सुगम दर्शन, दिव्यांगजन छताद्वार से प्रवेश कर मंदिर के दूसरे गेट से दर्शन कर उसी से वापस निकाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए सरस्वती फाटक गली से मंदिर में दक्षिणी गेट से दर्शन का इंतजाम किया गया है।