मात्र पंद्रह साल से वाराणसी की कुसुमावती देवी को बालू खाने की आदत हो गई जो 80 की उम्र पर भी नहीं छूटी। वह हर दिन नाश्ता करती हैं, खाना खाती हैं, लेकिन बाद में बालू का भी सेवन कर लेती हैं। उधर, चिकित्सक बालू के सेवन को खतरनाक मानते हैं। उनका कहना है कि बालू से पेट संबंधी बीमारियां होने का खतरा रहता है।