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इस महाशिवरात्रि 45 मिनट पहले जागेंगे काशी विश्वनाथ, होगी विशेष आरती, घाटों पर साधुओं ने डाला डेरा

Fri, 01 Mar 2019 02:57 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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sadhu in varanasi - फोटो : amar ujala
देवों के देव महादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि का अपना एक अलग ही महत्व है। महाशिवरात्रि पर जहां प्रयागराज कुंभ का अंतिम स्नान रहेगा, वहीं काशी विश्वनाथ इस बार 45 मिनट पहले ही जाग जाएंगे। जिसे लेकर नागा साधुओं ने काशी में अपना डेरा डाल लिया है। इन दिनों विदेशी सैलानियों के लिए वाराणसी के घाटों पर नागा साधु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
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sadhu in varanasi - फोटो : amar ujala
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए देश विदेश से श्रद्धालु और साधु-संत आते हैं। इसको लेकर मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। एक ओर जहां छत्ताद्वार गेट नंबर चार पर नया प्रवेशद्वार बनाया गया है, वहीं मंदिर में आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैग भी बनाया जा रहा है।
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sadhu in varanasi - फोटो : amar ujala
इस बार महाशिवरात्रि पर बाबा काशी विश्वनाथ 45 मिनट पहले जागेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। शिवरात्रि पर विशेष आरती भी की जाएगी। इसको लेकर मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए समय सारिणी जारी की है। जिसमें आरती का समय 45 मिनट पहले कर दिया गया है। इसके अलावा प्रवेशद्वार पर नया गेट भी बनाया गया है। महाशिवरात्रि पर अखाड़ों के साधु संत भी दर्शन पूजन करेंगे।

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sadhu in varanasi - फोटो : amar ujala
मंदिर के नियम के अनुसार मंगला आरती तड़के तीन बजे से शुरू होती है, लेकिन शिवरात्रि के दिन भोर में 2:15 बजे से शुरू होकर 3 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। जबकि 3:30 बजे से मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा। मध्याह्न आरती 12 बजे से 12:30 तक चलेगी। शिवरात्रि के दिन होने वाली चारों प्रहर की विशेष आरती की जाएगी। 
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sadhu in varanasi - फोटो : amar ujala
बता दें कि इसके पहले कुंभ के पलट प्रवाह से कल्पवास करने वाले साधु-संत भोलेनाथ की नगरी काशी में आए हुए हैं। इसी क्रम में पंचदशनाम जूना अखाड़े ने 27 फरवरी को पेशवाई निकाली। इसमें खिचड़ी दही खाकर जूना अखाडा़ के संत बैजनत्था से जहां संत हनुमान घाट स्थित जूना अखाड़ा पहुंचे थें। वहीं कबीरचौरा से आवाहन अखाड़े के संत दशाश्वमेध घाट पर पहुंचे थे। 
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बैंड बाजा और रथों पर सवार होकर संत निकले, इस यात्रा के दौरान संत करतम दिखाते हुए चल रहे थे, जो काफी आकर्षण का केन्द्र रहा। ये संत काशी में होली तक रहेंगे। इस बीच महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करेंगे।
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