वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर रात के करीब दो बजे प्रशानिसक अधिकारियों ने डमरू, ढोलक बजाते हुए पुष्पवर्षा कर 216 मेहमानों को जोरदार स्वागत किया। मेहमानों के स्वागत में स्टेशन पर रेड कारपेट बिछाया गया था।
काशी-तमिल संगमम में एर्णाकुलम से हस्तशिल्पियों का दल पटना सुपरफास्ट एक्सप्रेस से 22 नवंबर को वाराणसी पहुंचा। रात के करीब दो बजे कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रशानिसक अधिकारियों ने डमरू, ढोलक बजाते हुए पुष्पवर्षा कर 216 मेहमानों को जोरदार स्वागत किया। मेहमानों के स्वागत में स्टेशन पर रेड कारपेट बिछाया गया था। वहीं, मेहमानों का हर-हर महादेव महादेव किया तो उन्होंने भी वणक्कम कहते हुए आगे बढ़े।
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काशी तमिल संगमम
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे दल के अतिथि स्वागत से अभिभूत दिखे और काशी नगरी पहुंचने पर उनका रोमांच अलग ही नजर आ रहा था। एक माह तक चलने वाले काशी तमिल संगमम में तमिलनाडु से कलाकारों, छात्रों, साहित्यकारों, कामगारों के कई ग्रुप वाराणसी भ्रमण करने आएंगे। इसी क्रम में दूसरा दल मंगलवार की सुबह पहुंचा।
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काशी में दूसरे दल का वणक्कम
- फोटो : अमर उजाला
अतिथियों का दूसरा दल वाराणसी के अलावा प्रयागराज और अयोध्या के दौरे पर भी जाएगा। इसी तरह से तमिलनाडु के अलग—अलग जगहों से काशी तमिल संगमम में भाग लेने के बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।
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कैंट स्टेशन पर दूसरे दल का स्वागतम्
- फोटो : अमर उजाला
दूसरा दल तमिल अतिथि आयोजन में शिरकत करने के साथ ही आध्यात्मिक नगरी में भ्रमण कर यहां की सभ्यता, संस्कृतिक, परिवेश आदि से परिचित होंगे। साथ ही यहां से जाकर दक्षिण भारत में काशी की पुरातन संस्कृति के बारे में बात करेंगे। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच प्राचीन संबंधों की डोर और मजबूत होगी।
वहीं दोनों क्षेत्रों के बीच कला, संगीत, ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ ही व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि 19 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने काशी तमिल संगमम का उद्घाटन किया था। उसके बाद अलग-अलग समूहों में तमिलनाडु से लोग वाराणसी भ्रमण पर आ रहे हैं। एक माह तक चहने वाले इस आयोजन में तमिलनाडु के अलावा काशी के लोग भी बड़े उत्साह से आयोजन में शिरकत कर रहे हैं।