फिट और फाइन रहने के लिए काशीवासी प्रकृति के बीच जाकर कारगर विकल्प ढूंढ रहे हैं। इसीलिए काशी में योग का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है और मॉर्निंग वॉक स्ट्रीट पर चहलकदमी करते लोगों की संख्या भी। चाहे डीरेका और बीएचयू के कैंपस हों या फिर सदाबहार गंगा के घाट। पौ फटने के साथ ही गुलजार होने लगे हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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yoga
- फोटो : अमर उजाला
स्वास्थ्य के साथ ही सुबह-ए-बनारस का नयनाभिराम दृश्य लोगों को घरों से बाहर खींच रहा है। भोर होते ही मार्निंग वॉक करने वाले सड़कों पर कदमताल मिलाने लगते हैं जो सूरज की तेज होती किरणों तक जारी रहता है। इसी तरह योग करते लोगों का समूह भी जगह-जगह धुन में आसन करता है।
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yoga
- फोटो : अमर उजाला
अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस का संगीतमय आगाज तो होता ही है, योग और ध्यान से भी यहां की दिनचर्या शुरू होती है। दूर दराज से बड़े बुजुर्ग महिलाएं, यहां तक कि युवा योग करने यहां आ रहे हैं। यहां सौ से सवा सौ लोगों को एक साथ योग करते देखा जा सकता है। गंगा आरती के नजारे संग योग से दिन की शुरुआत करने की ये मुनासिब जगह है।
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morning walk
- फोटो : अमर उजाला
दशाश्वमेध घाट, राजा घाट, प्रभु घाट पर भी लोग योग और आसन करते नजर आ जाएंगे। इनमें विदेशी भी पूरे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। साफ, स्वच्छ हवा में जॉगिंग करने और कसरत करने के लिए बीएचयू भी सर्वाधिक पसंदीदा जगह है।
हरे भरे इस कैंपस में मधुबन से लेकर विश्वनाथ मंदिर के परिसर में बड़े बुजुर्गों और महिलाओं को एक्सरसाइज करते और योग करते इन दिनों देखा जा सकता है। इसी तरह डीरेका और कैंटोनमेंट क्षेत्र भी लोगों ने लिए मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग करने के सबसे मुफीद जगह बन गई है।