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वैदिक रीति रिवाज से विदेशी जोड़े कर रहें शादी, काशी बना विदेशियों के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग का अड्डा

Fri, 15 Feb 2019 10:25 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : demo
धर्म नगरी काशी भारत की सांस्कृतिक राजधानी होने के साथ ही विदेशी सैलानियों के लिए डेस्टिनेशन वेडिंग का अड्डा बन गया है। आजकल डेस्टिनेशन वेडिंग का फैशन है यानी घर से कहीं दूर जा कर शादी करना। विदेशियों को भारतीय रीति रिवाज तो हमेशा से आकर्षित करते रहे है। इसी के मद्देनजर कई विदेशियों ने वाराणसी आ कर शादी की है। उनका मानना है कि भारतीय वैदिक रीति रिवाजों से हुई शादी उनके रिश्तों को नए मुकाम पर लेकर जाएगा। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
जहां अपने देश की जानी मानी हस्तियां विदेशों में जा कर ब्याह रचा रहीं हैं, वहीं दुनिया की सबसे पुरानी नगरी काशी में विदेशी जोड़े विवाह के पवित्र बंधन में बंधने आ रहे हैं। बीते कुछ महीनों में कई विदेशी जोड़ियों ने वाराणसी में एक दूसरे के साथ अग्नि को साक्षी मान कर सात फेरे लिए हैं। विदेशियों में काशी में शादी को लेकर बढ़ रहा क्रेज इसे नया वेडिंग डेस्टिनेशन वेडिंग का केंद्र बना रहा है।
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- फोटो : amar ujala
अमेरिकी नृत्या्ंगना कोलिना शक्ति का शास्त्रीय संगीत के प्रति लगाव उन्हें बनारस खींच लाया। उन्होंने बीएचयू की संगीत शिक्षिका रंजना श्रीवास्तव से कथक समेत शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली। इसके बाद राजस्थान जाकर कालबेलिया समेत वहां के अन्य लोक नृत्य का भी प्रशिक्षण लिया। कोलिना फिलहाल पुष्कर में ओडिसी डांस स्कूल चलाती हैं और दक्षिण भारतीय मंदिरों में प्रचलित नृत्य सिखाती हैं। इस बार अपने मित्र के साथ काशी आने पर उन्होंने वैदिक रीति से एक दूसरे को जीवन साथी के रूप में स्वीकार किया। इसमें 11 वैदिक ब्राह्मणों ने उत्तर भारतीय विवाह पद्धति से शादी संपन्न कराया और पूरी रात हर रस्म को विधिवत पूरा कराया। 

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- फोटो : amar ujala
इसके पहले नवंबर 2018 में काशी के चौसट्ठी घाट स्थित चौसट्ठी माता के मंदिर में रूस के रहने वाले आंद्रे व एन्ना एंड्रिस ने अग्नि को साक्षी मानकर साथ फेरे लिए थे। आंद्रे और एन्ना एंड्रिस ने बताया था कि उन दोनों को रूस में ही प्रेम हुआ। वे हिंदू धर्म से काफी प्रभावित हैं और इसी वजह से उन्होंने अपनी शादी हिंदू रीति-रिवाज से करने की ठानी। दोनों  ने बताया था कि वे भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं, यही कारण है कि शादी के लिए उन्होंने काशी को चुना। 
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gay couple - फोटो : अमर उजाला
इसके पहले अगस्त 2018 में ही आस्ट्रेलिया के एक समलैंगिक जोड़े ने भी काशी में विवाह करने की इच्छा जताई थी। काशी पहुंचे लूका और जेम्स ने गंगा को साक्षी मानकर शादी के बंधन में बंधने का फैसला किया था। लूका ने बताया कि भारत भ्रमण के दौरान काशी के आध्यात्म की जानकारी मिली। लोगों ने बताया कि भारतीय परंपरा का केंद्र काशी है तो हमने भी यहीं शादी करने का फैसला किया है। समलैंगिक लूका और जेम्स को भारतीय वर्जनाओं की परवाह नहीं है। उनका कहना है कि हमने पढ़ा है कि भारत में प्यार के अलग-अलग रूप हैं। लेकिन उस समय संलैंगिकों के लिए भारत में विवाह का प्रावधान न होने पर उन्हें प्रशासन ने विवाह की अनुमति नहीं दी थी। 
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