श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी।
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कार्तिक पूर्णिमा के महापर्व पर काशी में घाटों पर फूल-माला और पूजन सामग्री बेचने वाले अपनी दुकान सजाकर बैठे रहे। गंगा नदी की लहरों के बीच नाव हिलोरे ले रही हैं, लेकिन उसमें पर्यटक नहीं हैं। जिस तरफ नजर उठाइए, आम श्रद्धालुओं से ज्यादा कंधे पर बंदूक टांगे खाकी वर्दीधारी ज्यादा नजर आ रहे हैं। फूल व पूजन सामग्री बेचने वाले एक शख्स ने कहा कि पिछले साल आज के दिन 3 हजार रुपये की कमाई हुई थी। लेकिन इस बार 300 निकाल कमा पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। उन्होंने इसके पीछे पीएम मोदी का आगमन और कोरोना का संक्रमण बताया जा रहा है।