Varanasi News: कारगिल के दुर्गम पहाड़ों पर 21 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत से आंखें मिलाने वाले बनारस के वीरों की दास्तान सिर्फ शहादत और शौर्य की कहानी नहीं बल्कि सिस्टम की बेरुखी के खिलाफ एक अधूरी लड़ाई भी है। बर्फानी चोटियों पर दुश्मन को मात देने वाले इन रणबांकुरों ने देश की रक्षा तो कर ली, लेकिन 27 साल बाद भी वे अपने हक के लिए सिस्टम से लड़ रहे हैं। एक ही परिवार के चार भाइयों की वीरता हो या जुबार हिल पर तिरंगा फहराने वाले जांबाजों का साहस, देश ने उन्हें सलाम किया।
बलिया के युवक भृगु बाबा की जय, गाजीपुर के जय मां कामाख्या और चंदौली के युवक करते हैं जय कीनाराम का उद्घोष: सेना भर्ती के लिए पूर्वांचल के युवकों के जोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हर साल एक लाख से अधिक युवक देश सेवा के लिए आवेदन करते हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर और चंदौली के युवकों की होती है। भर्ती में शामिल होने के दौरान बलिया के युवक ‘भृगु बाबा की जय’, गाजीपुर के युवक ‘जय मां कामाख्या’ और चंदौली के युवक ‘जय कीनाराम’ के उद्घोष के साथ मैदान में उतरते हैं।