‘साहब, मॉल में फायरिंग में मारे गए गोपी और सुनील का चेहरा सपने में भी आता है...। बहकावे में आकर हमसे गलती हो गई...। माफ कर दीजिए और एक बार सुधरने का मौका दीजिए...।’ पुलिस अभिरक्षा में यह बातें बार-बार कह कर रोहित रोता और गिड़गिड़ाता रहा। उसका कहना था कि आलोक ने अपने साथ ही उसका भी जीवन बर्बाद कर दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह और उनकी टीम रोहित को लेकर पुलिस लाइन सभागार आई तब भी उसे उम्मीद थी कि शायद उसके साथ नरमी बरती जाएगी। क्राइम ब्रांच के जवानों से वो बार-बार यही पूछ रहा था कि उसे फांसी या उम्रकैद की सजा तो नहीं होगी।
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दुहाई दे रहा था कि मनबढ़ आलोक की गलत संगत में आकर वो ऋषभ और अंकुर को लेकर मॉल के भीतर घुसा था। इस बीच उसे क्राइम ब्रांच के जवानों ने शांत कराया। समझाया कि अब जेल जाकर अपने गलत कार्य का प्रायश्चित करना और जब बाहर आना तो आगे का जीवन सही से जीना। रोहित के जेल भेजे जाने की बारी आई तब भी वह पुलिस वैन में बिलखता रहा और आलोक को कोसता रहा।
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उधर, दो लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी 25 हजार के इनामी आलोक उपाध्याय की तलाश में क्राइम ब्रांच और पुलिस की 12 टीमें पूर्वांचल से लेकर बिहार तक छापेमारी कर रही हैं। मगर न तो आलोक पुलिस के हाथ लगा और न ही उसके साथी दोनों शूटर।
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क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें चंदौली, मऊ, गाजीपुर, सोनभद्र, बलिया और बिहार के भभुआ व आरा में छापेमारी कर चुकी हैं मगर अभी तक खाली हाथ हैं। क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि आलोक के रिश्तेदारों और करीबियों से पूछताछ कर उसके छुपने के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। संभावना है कि जल्द ही आरोपी आलोक और उसके साथी ऋषभ सिंह व कुंदन सिंह पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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जेएचवी मॉल की वारदात के बाद बीएचयू और काशी विद्यापीठ के हॉस्टलों के साथ ही शहर के निजी हॉस्टलों पर भी पुलिस की नजर है। एसएसपी के निर्देश पर थानावार आपराधिक प्रवृत्ति के छात्रों और उनके दोस्तों को सूचीबद्ध किया जा रहा है। इसके साथ ही ऐसे छात्रों की पुलिस निगरानी शुरू करेगी। सभी को ताकीद की जाएगी कि कानून की जद में रहें। जरूरत पड़ी तो ऐसे छात्रों से शपथ पत्र भी लिया जाएगा।
जेएचवी मॉल में दो लोगों की हत्या के बाद पुलिस रोहनिया स्थित विद्यालय के दिव्यांग चौकीदार और चेतगंज के दुकानदार सतीश राय की हत्या को भूल सी गई है। दोनों वारदातों की तफ्तीश रुकी हुई है। हत्यारों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस वारदात की वजह भी नहीं स्पष्ट कर पा रही है। सुभाष पटेल की हत्या 29 सितंबर की रात और सतीश राय की हत्या 25 अक्तूबर की रात की गई थी।